ईरान-अमेरिका शांति समझौते की उम्मीद से बाजार में लौटी रौनक, लगातार तीसरे दिन चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी 23, 900 के पार

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ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों से भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी रही। सेंसेक्स 300 अंक से अधिक चढ़ा जबकि निफ्टी 23,900 के पार पहुंच गया। आईटी और वित्तीय शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को नई मजबूती दी।

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी तेजी का माहौल देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजार पर भी साफ नजर आया। सुबह कारोबार शुरू होते ही निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।

बीएसई सेंसेक्स 300.03 अंक की बढ़त के साथ 76,564.36 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 75.15 अंक चढ़कर 23,929.05 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। लगातार तीसरे दिन बाजार में आई तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। वहीं रुपये में भी मजबूती देखने को मिली और शुरुआती कारोबार में यह डॉलर के मुकाबले पांच पैसे मजबूत हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार को सहारा मिला है।


शांति समझौते की उम्मीद से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

विश्लेषकों के मुताबिक बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदें हैं। पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर निवेशकों में चिंता बनी हुई थी, लेकिन अब हालात सामान्य होने की संभावना ने बाजार की धारणा को मजबूत किया है। इसी सकारात्मक माहौल का असर यह रहा कि पिछले दो कारोबारी सत्रों में भी प्रमुख सूचकांकों ने करीब तीन प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की थी। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि वैश्विक स्तर पर तनाव कम होता है तो कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव घटेगा और इसका फायदा भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं को मिलेगा।


आईटी और वित्तीय शेयरों ने दिखाई ताकत

मंगलवार के कारोबार में आईटी और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियां निवेशकों की पहली पसंद रहीं। एचसीएल टेक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में करीब दो-दो प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इन कंपनियों में मजबूत खरीदारी ने बाजार की रफ्तार को और तेज करने का काम किया। वहीं कॉर्पोरेट जगत में वेदांता समूह भी चर्चा में रहा। समूह के पुनर्गठन और विभिन्न कारोबारों के अलग-अलग इकाइयों में विभाजन के बाद निवेशकों के लिए करीब 20 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य सृजित होने की बात सामने आई है। हालांकि डिमर्जर के बाद सूचीबद्ध हुई कुछ नई कंपनियों के शेयरों में शुरुआती उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन निवेशक इसे दीर्घकालिक रणनीति के तौर पर सकारात्मक मान रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में भी बाजार में सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।

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