जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी में आस्था का महासागर उमड़ा, बारिश के बीच भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का शुभारंभ, लाखों श्रद्धालु बने साक्षी
- Shiv Kumar
- 16 Jul, 2026
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा गुरुवार को धार्मिक परंपराओं और उत्साह के साथ शुरू हुई। सुबह मंगला आरती के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को विशेष अनुष्ठानों के बीच गर्भगृह से बाहर लाया गया। भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने इस पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भगवान जगन्नाथ से सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
पारंपरिक विधियों के साथ शुरू हुई रथ यात्रा, रथों पर विराजमान हुए भगवान
पुरी में रथ यात्रा की शुरुआत सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार हुई। सबसे पहले भगवान सुदर्शन को बाहर लाया गया, इसके बाद भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ को पाहंडी अनुष्ठान के जरिए मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया गया। तीनों देवताओं को उनके भव्य रथों नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन तक पहुंचाया गया। रथों की परिक्रमा और अन्य धार्मिक प्रक्रियाओं के बाद उन्हें सिंहासन पर स्थापित किया गया। इसके बाद गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने पूजा-अर्चना की, जबकि पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने छेरा पहंरा रस्म निभाई।
बारिश के बावजूद उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
रथ यात्रा के दौरान पुरी में लगातार बारिश होती रही, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। मौसम विभाग ने भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया था। यात्रा से पहले पुरी में 143.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था की। करीब दो लाख श्रद्धालु पहले ही पुरी पहुंच चुके थे। श्री जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक लगभग 2.6 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
सुदर्शन पटनायक ने रेत पर बनाई भगवान जगन्नाथ की भव्य आकृति
रथ यात्रा के अवसर पर प्रसिद्ध रेत कलाकार और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने पुरी बीच पर अपनी कला के जरिए भगवान जगन्नाथ को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समुद्र तट की रेत पर महाप्रभु जगन्नाथ की विशाल आकृति के साथ 100 छोटे रथ तैयार किए। उनकी यह कलाकृति श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पुरी पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने और देश की खुशहाली की प्रार्थना करने की बात कही।
अहमदाबाद में भी निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गुजरात के अहमदाबाद में भी भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा धूमधाम से निकाली गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक पाहिंद विधि पूरी कर यात्रा का शुभारंभ किया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में मंगला आरती में शामिल हुए। अहमदाबाद में यात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और एआई आधारित सुरक्षा व्यवस्था के जरिए पूरे मार्ग पर नजर रखी जा रही है।
नेताओं ने दी शुभकामनाएं, प्रधानमंत्री मोदी बोले- विरासत और आस्था का प्रतीक है रथ यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगन्नाथ रथ यात्रा को भारत की सनातन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व एकता, सेवा और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान जगन्नाथ से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की। ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी प्रदेशवासियों को रथ यात्रा की बधाई दी।
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