कॉकरोच पार्टी के संसद मार्च हिंसा मामले में 10 FIR दर्ज, दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, 2 हजार CRPF जवान तैनात होंगे

top-news
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन 33वें दिन भी जारी है। संसद मार्च हिंसा की जांच में पुलिस ने 9 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं। सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मुलाकात की, जबकि दिल्ली में सीआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन बुधवार को 33वें दिन भी जारी रहा। संसद मार्च के बाद लगातार तीसरी रात भी हजारों प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर डटे रहे। प्रदर्शन में 20 जुलाई को पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए लोग भी शामिल रहे। इसी बीच सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


संसद मार्च हिंसा की जांच तेज, 250 से ज्यादा वीडियो खंगाल रही पुलिस

दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार अब तक 9 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें RAF के जवानों पर हमला, पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी धाराएं शामिल हैं। आरोपियों की पहचान के लिए 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। वहीं संसद भवन और आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कई प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात किया गया है।


CJP ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी, विपक्षी नेताओं का मिला समर्थन

जंतर-मंतर पर CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि 20 जुलाई की घटना आंदोलन का सिर्फ "ट्रेलर" थी और यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन फिलहाल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। CJP ने यह भी दावा किया कि संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। जंतर-मंतर पर उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे।


दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा, CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात

प्रदर्शन और संसद के मानसून सत्र को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली की सुरक्षा और मजबूत कर दी है। पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों को राजधानी भेजा गया है। करीब 2,000 जवानों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया है, जिन्हें संसद परिसर और संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और RAF संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *