'कोर्ट और कलेक्ट्रेट उड़ा दूंगा'... धमकी भरा मेल भेजने वाला आरोपी गिरफ्तार

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अजमेर पुलिस ने सर्किट हाउस, कलेक्ट्रेट और जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को गुजरात से पकड़ लिया है। जांच में सामने आया कि धमकी भरे ईमेल पुराने विवाद में फंसाने की साजिश के तहत भेजे गए थे।

अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में जिला कलेक्ट्रेट और जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान फलदु हार्दिक पटेल के रूप में हुई है, जिसे राजस्थान पुलिस ने गुजरात के सोमनाथ जिले से दबोचा। कुछ दिन पहले कलेक्ट्रेट और कोर्ट प्रशासन को धमकी भरा ईमेल मिला था, जिसमें दोनों सरकारी परिसरों को विस्फोट से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। ईमेल मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों परिसरों की गहन तलाशी ली, हालांकि जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने साइबर जांच शुरू की।

साइबर ट्रैकिंग से आरोपी तक पहुंची पुलिस

धमकी मिलने के बाद पुलिस, साइबर सेल और अन्य जांच एजेंसियों ने ईमेल के तकनीकी विवरण खंगालने शुरू किए। डिजिटल ट्रेल और आईपी एड्रेस के आधार पर जांच टीम आरोपी तक पहुंची। इसके बाद राजस्थान पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और सोमनाथ में दबिश देकर फलदु हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने यह धमकी किस मकसद से भेजी थी और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

पूरे शहर में बढ़ा दिया गया था सुरक्षा घेरा

धमकी भरे ईमेल के बाद अजमेर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने सभी सरकारी कार्यालयों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए थे। जांच पूरी होने तक आम लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई। बाद में जब किसी तरह का विस्फोटक नहीं मिला तो प्रशासन ने राहत की सांस ली, लेकिन मामले को गंभीर मानते हुए जांच जारी रखी।

पूछताछ में सामने आएंगे कई अहम तथ्य

पुलिस अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी केवल अफवाह फैलाने के उद्देश्य से भेजी गई थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने अकेले यह काम किया या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

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