'ड्रग्स केस में फंसा देंगे'... प्रदर्शनकारियों को धमकाने वाला मुंबई पुलिसकर्मी सस्पेंड
मुंबई में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित धमकी का वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई। संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है।
- Babli Ansari
- 23 Jul, 2026
मुंबई। छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर ड्रग्स केस में फंसाने और पूरी जिंदगी जेल में भेजने की धमकी देने वाले मुंबई पुलिस के एक कर्मचारी पर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों से कहते हुए दिखाई देता है कि यदि वे दोबारा प्रदर्शन करने आए तो उन्हें ड्रग्स के झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और मुंबई पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को ड्यूटी से हटाकर निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
वीडियो में धमकी के आरोप से मचा विवाद
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को कथित रूप से चेतावनी देता दिखाई देता है कि यदि वे फिर से विरोध प्रदर्शन करेंगे तो उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज कर दिए जाएंगे। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल Media पर पुलिस के रवैये को लेकर कई सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों और विभिन्न संगठनों ने इस तरह की भाषा और कथित धमकी की आलोचना की। मामला बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति एक पुलिस कर्मचारी है और उसके व्यवहार की जांच की जा रही है।
मुंबई पुलिस ने शुरू की विभागीय जांच
मुंबई पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से उसकी वर्तमान ड्यूटी से हटा दिया गया है। विभागीय जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया और क्या वास्तव में उसने प्रदर्शनकारियों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमों के अनुसार आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसा व्यवहार पुलिस विभाग की कार्यशैली और मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर
इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों और नागरिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं मुंबई पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच होगी और दोषी पाए जाने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और पुलिस वीडियो से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। यह मामला पुलिस के आचरण और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार को लेकर नई बहस का विषय बन गया है।
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