सरकार और CJP के बीच आज फिर होगी बातचीत, दीपके बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन
- Shiv Kumar
- 24 Jul, 2026
NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच दूसरी दौर की बातचीत होगी। यह बैठक दोपहर 12:30 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रस्तावित है। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। इस बार बातचीत न्यूट्रल स्थान पर हो रही है, जिसे दोनों पक्षों के बीच गतिरोध कम होने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं, 27 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर उन्हें जूस पिलाया। इसके बावजूद CJP ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता।
आज होगी दूसरी दौर की वार्ता, न्यूट्रल वेन्यू पर बनेगी सहमति की कोशिश
सरकार और CJP के बीच पिछले कुछ दिनों से बातचीत को लेकर लगातार बयानबाजी चल रही थी। सरकार का कहना था कि उसने चार बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा, जबकि CJP किसी मंत्री के आवास या कार्यालय में जाने के लिए तैयार नहीं था। अब दोनों पक्षों ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को बैठक के लिए चुना है। CJP का कहना है कि सरकार ने न्यूट्रल स्थान की उनकी मांग स्वीकार की है। दूसरी ओर, सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर नए मुकदमे दर्ज नहीं होंगे, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर संसद में चर्चा होगी तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा। हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला है।
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, 17 मेट्रो स्टेशन बंद; राजनीतिक बयानबाजी तेज
आंदोलन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। DMRC ने राजीव चौक, लोक कल्याण मार्ग, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट समेत 17 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखा है। प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस क्षेत्र में भी गुरुवार को बाजारों और दफ्तरों पर असर देखने को मिला। इस बीच विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की बात कही। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त कार्रवाई की जाएगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। CJP ने साफ किया है कि उनका शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
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