प्रदर्शनकारियों को लेकर CJP का बड़ा बयान, बोले- प्रदर्शनकारियों की FIR होंगी वापस, सरकार से बातचीत के बाद वीडियो जारी कर दी जानकारी

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कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और भविष्य में कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन मिला है। वहीं बिहार सरकार ने भी विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में कार्रवाई नहीं करने की घोषणा की है, जबकि पुलिस सतर्क बनी हुई है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और कानूनी संपर्क अधिकारी रत्ना सिंह ने सोमवार देर रात वीडियो जारी कर कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद उन्हें इस संबंध में भरोसा दिया गया है। हालांकि सरकार की ओर से इस दावे पर अलग से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


सरकार ने लिखित आश्वासन देने का किया दावा

सौरव दास ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में दिल्ली पुलिस के अधिकारी उनसे मिलने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और दर्ज मामलों को लेकर अपनी आशंकाएं रखीं। उनके अनुसार, अधिकारियों ने बिहार सरकार के गृह विभाग की प्रेस विज्ञप्ति दिखाई, जिसमें कहा गया है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सभी मामलों में एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने का भी आश्वासन दिया गया है।


CJP ने पहले दी थी दोबारा आंदोलन की चेतावनी

इससे पहले सोमवार शाम आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि सरकार समझौते की शर्तों का पालन नहीं कर रही है। उनका कहना था कि देशव्यापी आंदोलन सरकार के इस भरोसे पर समाप्त किया गया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।


बिहार सरकार ने कार्रवाई नहीं करने की कही बात

बिहार सरकार ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि 26 जुलाई को शाम 6 बजे से पहले राज्य में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शनों से संबंधित एफआईआर, आपराधिक शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की बात भी कही गई है।


पुलिस कार्रवाई और कानूनी सहायता पर भी उठे सवाल

CJP की कानूनी संपर्क अधिकारी रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ राज्यों में गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों को भी नामजद किया गया है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच में बताया कि सत्यापन किए गए 2,873 लोगों में से 989 व्यक्तियों पर पहले से हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस और अन्य गंभीर मामलों के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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