सरकार से समझौते के बाद भी CJP अड़ी, बोली- सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी मांगों के बाद लागू हो, पहले मांगें पूरी हों

top-news
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने साफ कहा है कि सरकार पहले उनकी मांगें माने, उसके बाद अदालत जो भी कहे उस पर अमल हो। संगठन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई रोकने और हिरासत में लिए गए नाबालिगों की रिहाई के आदेश का स्वागत किया, लेकिन अपनी मुख्य मांगों पर दबाव बनाए रखा।

नई दिल्ली। छात्र आंदोलन से जुड़े संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच बड़ा बयान दिया है। संगठन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्देश देगा, उसका सम्मान किया जाएगा, लेकिन यह उनकी मूल मांगों का विकल्प नहीं हो सकता। CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि न्यायालय का फैसला अपनी जगह महत्वपूर्ण है, जबकि छात्रों की मांगें अपनी जगह बरकरार रहेंगी। उनका कहना है कि दोनों बातें साथ-साथ चल सकती हैं और सरकार को छात्रों की चिंताओं पर भी ठोस कदम उठाने होंगे।

'मांगें खत्म नहीं हुई हैं'

CJP नेताओं ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल अदालत में सुनवाई कराना नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की रक्षा जैसे मुद्दे अभी भी पूरी तरह हल नहीं हुए हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया के साथ-साथ संगठन अपनी मांगों को भी उठाता रहेगा।

सरकार से वार्ता जारी

संगठन ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है और कुछ मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति भी हुई है। हालांकि CJP का कहना है कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन को पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता। नेताओं ने यह भी कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और छात्रों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता बने रहेंगे।

आंदोलन पर सभी की नजर

फिलहाल छात्रों के आंदोलन, सरकार के साथ वार्ता और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। CJP का कहना है कि अदालत के निर्देशों का पालन किया जाएगा, लेकिन शिक्षा सुधार और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उनका अभियान जारी रहेगा। अब देखना होगा कि सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच चल रही बातचीत आगे किस नतीजे पर पहुंचती है और क्या छात्रों की बाकी मांगों पर भी सहमति बन पाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *