मोदी को गाली देने वाली लड़की को पीएम मोदी ने किया माफ, बोले- बचपन में गलतियां होती हैं, सुधार का मौका भी मिलना चाहिए

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जंतर-मंतर विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुमराह युवाओं को माफ कर सही रास्ता दिखाना चाहिए। वहीं, विवादित टिप्पणी करने वाली युवती का माफी मांगने का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विवादित प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। करीब 2 मिनट 54 सेकेंड के वीडियो संदेश में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपने और अपनी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा पर दुख जताया, लेकिन साथ ही गुमराह युवाओं को माफ कर उन्हें सही रास्ता दिखाने की अपील भी की।


पीएम बोले- गालियां मिलीं, लेकिन बच्चों को सुधारना समाज का दायित्व

प्रधानमंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, वह पूरे देश ने देखा। कुछ युवाओं ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जो किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे गए, जिससे उन्हें पीड़ा पहुंची। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि बचपन और युवावस्था में कई बार लोग बहक जाते हैं और ऐसे लोगों को दंड से पहले सुधार का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा, "वे हमारे ही बच्चे हैं। अगर हमारे दांत गलती से जीभ को काट लें तो हम दांत नहीं तोड़ते। उसी तरह गुमराह युवाओं को भी अपनाकर सही दिशा देना हमारा कर्तव्य है।"


विवादित टिप्पणी करने वाली युवती ने मांगी माफी

इस मामले में प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली युवती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वह कहती है कि प्रदर्शन के दौरान वह कुछ लोगों के बहकावे में आ गई थी और उससे बड़ी गलती हो गई। उसने अपने बयान के लिए माफी मांगते हुए इसे अपनी पहली और आखिरी गलती बताया। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, एफआईआर में युवती की उम्र 25 वर्ष दर्ज है, जबकि वीडियो में वह स्वयं को 15 वर्ष की बताती है।


एफआईआर को लेकर भी छिड़ी बहस

उधर, इस मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एफआईआर दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अभद्र भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन केवल गाली-गलौज के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि इस तरह की कार्रवाई हो रही है तो सभी मामलों में समान कानून लागू होना चाहिए।


सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मामला

प्रधानमंत्री के माफी और संयम वाले संदेश के बाद यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर लोग उनके बयान को सकारात्मक संदेश बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एफआईआर और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी बहस जारी है। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और प्रदर्शन से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

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