जो थे ही नहीं, उन्हें मिलती रही सैलरी! मुंबई पुलिस में करोड़ों का घोटाला! 10 'भूतिया' कर्मचारियों ने खा लिए 6 करोड़

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मुंबई पुलिस के वेतन भुगतान सिस्टम में 6 साल बाद करोड़ों रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि 10 फर्जी कर्मचारियों के नाम पर करीब 6.41 करोड़ रुपये वेतन के रूप में जारी किए गए।

मुंबई पुलिस विभाग में वेतन भुगतान से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि करीब 6.41 करोड़ रुपये ऐसे लोगों के खातों में वेतन के रूप में भेजे गए, जो पुलिस विभाग में कर्मचारी ही नहीं थे। यह कथित गड़बड़ी करीब छह वर्षों तक चलती रही और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे वेतन रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

10 फर्जी कर्मचारियों के नाम पर निकलता रहा वेतन

जांच में सामने आया कि वेतन प्रणाली में 8 से 10 फर्जी कर्मचारियों की एंट्री कर उन्हें नियमित पुलिसकर्मी दिखाया गया। इन काल्पनिक कर्मचारियों के नाम पर बैंक खाते संचालित किए गए और हर महीने सरकारी खजाने से वेतन जारी होता रहा। अधिकारियों को इस गड़बड़ी का पता तब चला, जब पुराने वेतन रिकॉर्ड को नई 'सेवार्थ' (Sevaarth) प्रणाली में स्थानांतरित करने के दौरान आंकड़ों में भारी अंतर दिखाई दिया। इसके बाद विस्तृत ऑडिट कराया गया, जिसमें पूरा खेल सामने आया।

ऑडिट में खुली करोड़ों की हेराफेरी

प्रारंभिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 और 2020 के वेतन भुगतान रिकॉर्ड की जांच में कई संदिग्ध लेनदेन मिले। जब संबंधित कर्मचारियों का सत्यापन किया गया तो पता चला कि जिन नामों पर करोड़ों रुपये जारी हुए, वे पुलिस विभाग में कार्यरत ही नहीं थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि वेतन रिकॉर्ड और बैंक खातों में सुनियोजित तरीके से हेरफेर किया गया। इसी आधार पर अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

पांच अधिकारियों-कर्मचारियों पर FIR

मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आर्थिक अपराध से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा सरकारी धन आखिर किन खातों तक पहुंचा। जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और वेतन फाइलों की भी जांच कर रही हैं।

अब पूरे सिस्टम की होगी जांच

इस खुलासे के बाद मुंबई पुलिस प्रशासन ने वेतन वितरण प्रणाली की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और गड़बड़ियां सामने आती हैं तो संबंधित सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी रोकने के लिए डिजिटल सत्यापन और ऑडिट प्रक्रिया को और मजबूत करने की तैयारी भी की जा रही है। फिलहाल यह मामला मुंबई पुलिस के हाल के वर्षों के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जा रहा है।

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