'आज मौत तय थी! ' एयर इंडिया फ्लाइट में मची चीख-पुकार | 'सीट बेल्ट बांधो, कोई खड़ा मत होना! ' वायरल हुआ केबिन क्रू का वीडियो
फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में अचानक तेज टर्बुलेंस आया और विमान करीब 300 फीट तक नीचे चला गया। लैंडिंग के बाद 15 से 17 यात्रियों और क्रू को चोटें आईं, DGCA ने जांच शुरू कर दी है।
- Babli Ansari
- 05 Aug, 2026
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में आए भीषण टर्बुलेंस के बाद यात्रियों ने उस खौफनाक पल को याद किया, जिसने कुछ मिनटों के लिए सभी की सांसें रोक दीं। यात्रियों के मुताबिक विमान क्रूज के दौरान अचानक तेज झटकों की चपेट में आ गया और करीब 300 फीट नीचे आ गया। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें लगा अब विमान नहीं संभलेगा और उनकी जान बचना मुश्किल है। हालांकि पायलट ने स्थिति पर नियंत्रण रखा और विमान को सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर उतार लिया।
'सीट बेल्ट बांधिए, कोई खड़ा मत हो'... गूंजती रहीं क्रू की आवाजें
घटना के दौरान केबिन क्रू लगातार यात्रियों को सीट बेल्ट बांधकर बैठे रहने की हिदायत देता रहा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में क्रू को जोर-जोर से कहते सुना जा सकता है, "सीट बेल्ट बांध लें, कोई अपनी सीट से न उठे।" झटके इतने तेज थे कि ओवरहेड लगेज बिन खुल गए, सामान गलियारे में बिखर गया और कुछ हिस्सों में केबिन की छत को भी नुकसान पहुंचा। कई यात्री अपनी सीटों से उछलकर ऊपर जा टकराए।
घायलों ने बताया- लोग हवा में उछल रहे थे
यात्रियों ने बताया कि कई लोग सीट बेल्ट नहीं लगाए हुए थे, इसलिए वे सीधे छत और ओवरहेड बिन से टकरा गए। एक विदेशी यात्री ने कहा कि उसकी मां के सिर में चोट लगी, जबकि उसकी बहन सीट से उछल गई। कुछ यात्रियों के चेहरे और सिर पर चोट आई, वहीं कई केबिन क्रू सदस्य भी घायल हुए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 13 यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल हुए, जिनमें से कुछ को फोर्टिस, मेदांता और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एयर इंडिया ने बताया कि अधिकांश घायलों की हालत स्थिर है और कई को इलाज के बाद छुट्टी भी दे दी गई।
DGCA ने शुरू की जांच
घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी ने विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) सुरक्षित कर लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अचानक आए टर्बुलेंस और ऊंचाई में बदलाव की वास्तविक वजह क्या थी। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
सीट बेल्ट की अहमियत फिर आई सामने
इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि विमान में सीट बेल्ट संकेत बंद होने के बाद भी सीट बेल्ट लगाए रखना कितना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि टर्बुलेंस कई बार बिना किसी पूर्व चेतावनी के आ सकता है और ऐसे समय में सीट बेल्ट ही गंभीर चोटों से बचाने का सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय होता है।
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