SIR पूरा होने वाले राज्यों में Form 6 से हटी अतिरिक्त घोषणा, दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति

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चुनाव आयोग ने SIR पूरा कर चुके राज्यों में ऑनलाइन Form 6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटा दी है। अब नए मतदाताओं से वहां यह जानकारी नहीं मांगी जाएगी। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब दो चुनाव आयुक्तों ने Form 6 में इस हिस्से को जोड़ने पर आपत्ति जताई थी।

चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरा कर चुके राज्यों में ऑनलाइन Form 6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटा दी है। इसका मतलब है कि SIR पूरी होने के बाद नए मतदाताओं से Form 6 भरते समय SIR से संबंधित अतिरिक्त जानकारी नहीं मांगी जाएगी। हालांकि, जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया अभी जारी है, वहां ऑनलाइन Form 6 में यह घोषणा अब भी दिखाई दे रही है। यह बदलाव मंगलवार देर रात ECINET पोर्टल पर किया गया।


SIR के दौरान मांगी जा रही थी अतिरिक्त जानकारी

Form 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है। SIR के दौरान पुरानी मतदाता सूची के रिकॉर्ड से नए और मौजूदा मतदाताओं की जानकारी का मिलान किया जाता है। नए मतदाताओं से यह जानकारी मांगी गई थी कि उनका या उनके माता-पिता और दादा-दादी का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में था या नहीं। शुरुआत में इसके लिए अलग घोषणा पत्र रखा गया था, लेकिन बाद में यही जानकारी ऑनलाइन Form 6 में जोड़ दी गई।


SIR पूरी होने के बाद घोषणा हटाने का क्या मतलब

SIR के दौरान मतदाता सूची की जांच और पुराने रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी पहले ही जुटाई जा चुकी है। ऐसे में SIR पूरा होने के बाद नए मतदाता से उसके या परिवार के सदस्यों के नाम पिछली SIR की सूची में होने की जानकारी अलग से मांगना जरूरी नहीं माना गया। इसी वजह से SIR पूरा हो चुके राज्यों में Form 6 से यह अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई है। वहीं, जिन राज्यों में SIR अभी नहीं हुई है या प्रक्रिया जारी है, वहां इस घोषणा के जरिए नए मतदाता या उसके परिवार का पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंध पता करने की कोशिश की जा रही है। SIR पूरी होने के बाद वहां भी इस अतिरिक्त जानकारी की जरूरत नहीं रहने पर Form 6 की प्रक्रिया सरल हो सकती है।


दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने Form 6 में SIR से जुड़ी जानकारी जोड़े जाने पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनका कहना था कि नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक Form 6 में नया हिस्सा जोड़ दिया गया। विवेक जोशी का कहना था कि Form 6 नियमों के तहत तय वैधानिक फॉर्म है और उसमें बदलाव के लिए पहले नियमों में संशोधन जरूरी है।

वहीं, सुखबीर सिंह संधू ने ऑनलाइन Form 6 में जोड़े गए हिस्से को “अनधिकृत और अवैध” बताते हुए उसे हटाने की बात कही थी। बाद में SIR पूरा कर चुके राज्यों में ऑनलाइन Form 6 से यह अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई।

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