ग्रेटर नोएडा में मिठाई की दुकानों पर खाद्य विभाग की छापेमारी, मक्खी-मच्छर पड़े मिलने पर 360 किलो रसगुल्ले कराए नष्ट
- Shiv Kumar
- 03 Nov, 2026
ग्रेटर नोएडा में दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिठाई बनाने वाली इकाइयों और दुकानों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को विभाग की अलग-अलग टीमों ने कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नौ नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इस दौरान दो स्थानों पर करीब 360 किलोग्राम रसगुल्ले दूषित अवस्था में पाए गए। विभाग के मुताबिक, रसगुल्लों में मक्खियां और मच्छर पड़े हुए थे। प्रथम दृष्टया इन्हें मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। विभाग ने मिठाई विक्रेताओं और निर्माताओं को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है।
देवला में 300 किलो रसगुल्ले कराए गए नष्ट
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने ग्रेटर नोएडा के देवला स्थित सोनू पाल की रसगुल्ला निर्माणशाला का निरीक्षण किया। यहां से दूध, छेना और रसगुल्ला के एक-एक नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। निरीक्षण के दौरान करीब 300 किलोग्राम रसगुल्ले दूषित अवस्था में पाए गए। विभाग के अनुसार, इनमें मक्खियां और मच्छर पड़े हुए थे। प्रथम दृष्टया रसगुल्लों को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। टीम ने निर्माणशाला में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की जांच की और नमूनों को प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दनकौर में 60 किलो छेना रसगुल्ला नष्ट, दो नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र नाथ वर्मा और विजय बहादुर पटेल की टीम ने दनकौर के गढ़ी बावन बीघा स्थित कृष्णा स्वीट भंडार का निरीक्षण किया। इस दौरान छेना रसगुल्ला और डोडा बर्फी के एक-एक नमूने जांच के लिए लिए गए। जांच के दौरान करीब 60 किलोग्राम छेना रसगुल्ला दूषित अवस्था में पाया गया। विभाग के मुताबिक, रसगुल्लों में मक्खियां और मच्छर पड़े हुए थे। प्रथम दृष्टया इन्हें खाने योग्य नहीं मानते हुए नष्ट करा दिया गया। देवला और दनकौर में हुई कार्रवाई को मिलाकर कुल 360 किलोग्राम रसगुल्ले नष्ट कराए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मिठाई निर्माणशालाओं से लिए गए नौ खाद्य पदार्थों के नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने जोधपुरवाला की मिठाई निर्माणशाला से केसर चमचम और लड्डू का एक-एक नमूना लिया। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने देवला में कार्रवाई के बाद तिलपता कर्णवास, दादरी स्थित मुलायम सिंह की मिठाई निर्माणशाला का निरीक्षण किया। यहां से बूंदी लड्डू और रसगुल्ला के एक-एक नमूने एकत्र किए गए। इसके अलावा देवला से दूध, छेना और रसगुल्ला तथा दनकौर से छेना रसगुल्ला और डोडा बर्फी के नमूने लिए गए। इस तरह चार प्रतिष्ठानों से कुल नौ खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए हैं। विभाग के अनुसार, सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
बिना बिल और पंजीकरण वाले आपूर्तिकर्ताओं से सामान न खरीदने की हिदायत
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि सभी खाद्य सामग्री विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही सामान खरीदें। खाद्य सामग्री खरीदते समय बिल अवश्य लें और निर्माण तिथि तथा बैच नंबर की जांच करें। इसके बाद ही खाद्य पदार्थों को बिक्री के लिए रखें। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में त्योहार को देखते हुए जांच अभियान लगातार चलाया जाएगा। विभाग की टीमें खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेंगी और जरूरत के अनुसार नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजेंगी। इसका उद्देश्य जिले में लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






