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ग्रेटर नोएडा के चार मूर्ति अंडरपास का मुख्य निर्माण पूरा, छह लेन के अंडरपास से दिवाली से पहले यातायात शुरू करने की योजना

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक पर करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे छह लेन अंडरपास का मुख्य निर्माण पूरा हो गया है। इसे दिवाली से पहले शुरू करने का लक्ष्य है। फिलहाल सड़क मार्किंग, स्ट्रीट लाइट और फिनिशिंग का काम जारी है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक यानी चार मूर्ति चौराहे पर बन रहे अंडरपास का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो गया है। करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस अंडरपास को दिवाली से पहले यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। छह लेन वाले इस अंडरपास के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौर सिटी और आसपास की आवासीय सोसायटियों में रहने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी चार मूर्ति चौराहे पर लगने वाले जाम से राहत मिल सकेगी। फिलहाल अंडरपास में सड़क की मार्किंग, स्ट्रीट लाइट लगाने, दीवारों की पेंटिंग और अन्य फिनिशिंग का काम चल रहा है। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण का मुख्य हिस्सा पूरा होने के बाद अब बचे हुए कामों को जल्द समाप्त करने पर जोर दिया जा रहा है। परियोजना की शुरुआत जुलाई 2024 में हुई थी। निर्माण के दौरान बारिश, प्रदूषण संबंधी प्रतिबंध और यूटिलिटी सेवाओं की शिफ्टिंग जैसी चुनौतियों के कारण काम प्रभावित हुआ था।


छह लेन का अंडरपास, चार मूर्ति चौराहे पर कम होगा ट्रैफिक का दबाव

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल गौर चौक पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए छह लेन का अंडरपास बनाया गया है। परियोजना की कुल लंबाई करीब 730 मीटर बताई गई है, जबकि मुख्य अंडरपास का हिस्सा लगभग 160 मीटर लंबा है। अंडरपास और उससे जुड़े मार्गों के शुरू होने के बाद वाहन चालकों को चौराहे पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन और आसपास की सोसायटियों से आने-जाने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए भी यातायात आसान होने की संभावना है। फिलहाल चौराहे पर वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। प्राधिकरण का मानना है कि अंडरपास शुरू होने के बाद सतह पर चलने वाले यातायात का दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही पहले से बेहतर हो सकेगी।


दीवारों पर इंडिया गेट, कुतुब मीनार और चंद्रयान की पेंटिंग

अंडरपास को यातायात के लिए उपयोगी बनाने के साथ आकर्षक स्वरूप देने पर भी ध्यान दिया गया है। इसकी दीवारों पर देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी पेंटिंग बनाई गई हैं। इनमें इंडिया गेट, कुतुब मीनार, भगवान बुद्ध और चंद्रयान की तस्वीरें शामिल हैं। इन चित्रों के जरिए अंडरपास को अलग पहचान देने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा सड़क की मार्किंग, स्ट्रीट लाइट और फिनिशिंग से जुड़े काम अंतिम चरण में हैं। निर्माण के दौरान जलभराव की समस्या को ध्यान में रखते हुए भी जरूरी व्यवस्थाएं किए जाने की बात कही गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि अंडरपास शुरू होने के बाद वाहन चालकों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके। हालांकि, जल निकासी की व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी, इसका वास्तविक आकलन संचालन शुरू होने और बारिश के दौरान ही हो सकेगा। फिलहाल प्राधिकरण की प्राथमिकता बचे हुए कामों को पूरा करके अंडरपास को यातायात के लिए तैयार करना है।


60 करोड़ से बढ़कर 92 करोड़ रुपये पहुंची परियोजना की लागत

गौर चौक अंडरपास परियोजना की शुरुआत करीब 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हुई थी। हालांकि, निर्माण के दौरान अतिरिक्त कार्यों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के चलते इसकी लागत बढ़कर लगभग 92 करोड़ रुपये पहुंच गई। इस राशि में अंडरपास के निर्माण के साथ यूटिलिटी सेवाओं को दूसरी जगह शिफ्ट करने से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। परियोजना का निर्माण जुलाई 2024 में शुरू किया गया था। शुरुआती योजना के अनुसार, इसे लगभग 18 महीने में पूरा किया जाना था। लेकिन निर्माण के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं। वायु प्रदूषण बढ़ने पर लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रेप के प्रतिबंधों से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके अलावा बारिश, भूमिगत यूटिलिटी सेवाओं की शिफ्टिंग और रैंप से जुड़े कामों में भी समय लगा। इन कारणों से परियोजना की प्रगति प्रभावित हुई। अब मुख्य निर्माण पूरा होने के बाद शेष कार्यों को जल्द समाप्त करने की तैयारी है।


प्राधिकरण का लक्ष्य दिवाली पर अंडरपास शुरू करना

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह के मुताबिक, गौर चौक अंडरपास को दिवाली के आसपास यातायात के लिए शुरू करना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अंडरपास का मुख्य निर्माण पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण के काम किए जा रहे हैं। प्राधिकरण का मानना है कि इसके शुरू होने से ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के लोगों को यातायात जाम से राहत मिलेगी। साथ ही गौर चौक पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। अधिकारियों की कोशिश है कि सड़क की मार्किंग, प्रकाश व्यवस्था और फिनिशिंग के काम जल्द पूरे कर लिए जाएं। हालांकि, अंडरपास को यातायात के लिए खोलने की अंतिम तारीख अभी स्पष्ट नहीं की गई है। परियोजना के शुरू होने के बाद ही यह पता चलेगा कि चार मूर्ति चौराहे पर यातायात व्यवस्था में कितना सुधार होता है।

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