दिल्ली में प्रदूषण को लेकर वाहनों की एंट्री पर सख्ती, नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर चेकिंग तेज, ट्रैफिक पुलिस तैनात
- Shiv Kumar
- 04 Nov, 2026
नोएडा से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों के लिए प्रदूषण नियंत्रण के नए नियम लागू हो गए हैं। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए एक नवंबर 2026 से दूसरे राज्यों में पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके चलते नोएडा और दिल्ली को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवान बॉर्डर पर तैनात हैं और दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों के पंजीकरण तथा प्रदूषण मानकों की जांच कर रहे हैं। नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों को बॉर्डर से वापस भेजा जा रहा है। हालांकि, बीएस-6 मानक वाले वाहन, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन निर्धारित शर्तों के तहत दिल्ली में प्रवेश कर सकते हैं। वाहन चालकों के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी भी जरूरी है। नए प्रतिबंध 31 जनवरी 2027 तक लागू रहने हैं। अधिकारियों ने नोएडा से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को यात्रा से पहले अपने वाहन के उत्सर्जन मानक और जरूरी दस्तावेज जांचने की सलाह दी है।
चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस तैनात, वाहनों की जांच तेज
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के नए नियम लागू होने के बाद नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की टीमें बॉर्डर पर वाहनों को रोककर उनके दस्तावेज और उत्सर्जन मानकों की जांच कर रही हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर नजर रखी जा रही है। जांच के दौरान वाहन का पंजीकरण नंबर देखकर उसके बीएस मानक की जानकारी प्राप्त की जा रही है। निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। चिल्ला बॉर्डर पर बीएस-4 मानक वाले उत्तर प्रदेश में पंजीकृत वाहन को वापस भेजे जाने का मामला भी सामने आया है। पुलिस का उद्देश्य प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकना है। इस कार्रवाई के चलते वाहन चालकों को बॉर्डर पार करने से पहले अपने वाहन की पात्रता सुनिश्चित करने की जरूरत है।
बीएस-4 और उससे पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, बीएस-6 को मिलेगी अनुमति
दिल्ली में एक नवंबर से लागू नियमों के तहत दूसरे राज्यों में पंजीकृत ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, जो बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते। इनमें बीएस-4, बीएस-3 और उससे पुराने मानकों वाले वाहन शामिल हैं। हालांकि, यह प्रतिबंध दिल्ली में पंजीकृत सभी पुराने वाहनों पर एक समान लागू होने वाला पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। दिल्ली में पंजीकृत वाहनों के लिए अन्य लागू नियम और आयु संबंधी प्रतिबंध अलग से प्रभावी हैं। नए प्रावधानों के अनुसार, बीएस-6 मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहन, सीएनजी तथा इलेक्ट्रिक वाहन निर्धारित शर्तों के तहत प्रवेश कर सकते हैं। नियमों में जिन वाहनों को विशेष छूट दी गई है, उन्हें भी संबंधित शर्तों का पालन करना होगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को स्पष्ट किया है कि केवल वाहन का पंजीकरण होना पर्याप्त नहीं है। दिल्ली में प्रवेश के लिए संबंधित उत्सर्जन मानकों और जरूरी दस्तावेजों का सही होना भी आवश्यक है।
वैध पीयूसी प्रमाणपत्र अनिवार्य, नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी एंट्री
प्रदूषण नियंत्रण के नए नियमों के तहत वाहन चालकों के पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल यानी पीयूसी प्रमाणपत्र होना जरूरी है। बीएस-6 मानक वाले वाहन भी इस अनिवार्यता से मुक्त नहीं हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में वाहन चालकों को प्रवेश से पहले अपने वाहन के उत्सर्जन मानक, पंजीकरण विवरण और पीयूसी की वैधता जांचने की सलाह दी गई है। बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों पर लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली ऐसी डीजल बसों पर भी प्रतिबंध लागू है, जो निर्धारित बीएस-6 मानक पूरा नहीं करतीं। इसके अलावा जिन मालवाहक वाहनों का गंतव्य दिल्ली नहीं है, उन्हें दिल्ली के भीतर से गुजरने के बजाय ईस्टर्न या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
31 जनवरी तक लागू रहेंगे प्रतिबंध, नोएडा के वाहन चालकों से नियम पालन की अपील
दिल्ली सरकार की प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था के तहत एक नवंबर 2026 से शुरू हुए वाहन प्रवेश प्रतिबंध 31 जनवरी 2027 तक लागू रहने हैं। इसका असर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली आने-जाने वाले वाहन चालकों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से ऐसे लोगों को सावधानी बरतनी होगी, जिनके वाहन दूसरे राज्यों में पंजीकृत हैं और बीएस-6 से नीचे के पेट्रोल या डीजल उत्सर्जन मानकों पर चलते हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बॉर्डर पर जांच बढ़ाने के साथ वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने की व्यवस्था भी की है। नोएडा से दिल्ली जाने वालों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र, बीएस मानक और पीयूसी की स्थिति की जांच कर लें। जिन वाहनों पर प्रतिबंध लागू है, उनके चालकों को सार्वजनिक परिवहन या अन्य वैध विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है। नियमों का पालन करने से बॉर्डर पर अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।
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