नोएडा बीजेपी उपाध्यक्ष समेत दो नेताओं ने पार्टी से दिया इस्तीफा, इस वजह से लिया बड़ा फैसला!
- Shiv Kumar
- 26 Jan, 2026
नोएडा में भारतीय जनता पार्टी को उस समय झटका लगा, जब पार्टी के युवा महानगर उपाध्यक्ष राजू पंडित ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राजू पंडित ने यह इस्तीफा केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी (UGC) बिल के विरोध में दिया है। उनके इस्तीफे के बाद नोएडा की राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह इस बिल का किसी भी रूप में समर्थन नहीं कर सकते, क्योंकि यह समाज के लिए बेहद घातक साबित होगा।
UGC बिल को बताया समाज के लिए खतरनाक
इस्तीफे के बाद राजू पंडित ने कहा कि भारत सरकार का यूजीसी बिल शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन को नुकसान पहुंचाने वाला है। उनका कहना है कि यह बिल विशेष रूप से समाज के एक वर्ग के खिलाफ जाता है और इससे समान अवसर की भावना को ठेस पहुंचेगी। राजू पंडित ने आरोप लगाया कि यूजीसी बिल के जरिए कुछ वर्गों के बच्चों के लिए कानून को इस तरह बनाया गया है, जिससे बाकी समाज के छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के पद पर रहते हुए ऐसे किसी कानून का समर्थन नहीं कर सकते, जो सामाजिक न्याय के खिलाफ हो। राजू पंडित ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी मंच पर भी अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन जब उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो उन्होंने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। उनके अनुसार, राजनीति में पद से ज्यादा विचार और सिद्धांत महत्वपूर्ण होते हैं।
इस्तीफे से बीजेपी संगठन में हलचल
राजू पंडित के इस्तीफे के बाद नोएडा बीजेपी संगठन में हलचल मच गई है। युवा कार्यकर्ताओं के बीच इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ कार्यकर्ता जहां उनके फैसले को साहसिक कदम बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे पार्टी लाइन से अलग रुख मान रहे हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बीजेपी संगठन की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यूजीसी बिल को लेकर आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो सकती है। राजू पंडित का इस्तीफा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अब राजनीतिक दलों के भीतर भी असहमति खुलकर सामने आने लगी है। फिलहाल, सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि बीजेपी नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है।
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