नोएडा हादसा, प्राधिकरण ने 20 अफसरों के नाम एसआईटी को सौंपे, इन अफसरों पर हो सकती है कार्रवाई
- Shiv Kumar
- 27 Jan, 2026
युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। नोएडा प्राधिकरण ने विशेष जांच टीम (SIT) को अपने आधिकारिक जवाब में उन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सौंप दिए हैं, जो पिछले दो से तीन वर्षों के दौरान उस क्षेत्र में तैनात रहे थे, जहां यह हादसा हुआ। इस सूची में जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर (APE) समेत तकनीकी विभाग के कुल करीब 20 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। प्राधिकरण की ओर से यह जानकारी विभागीय रिकॉर्ड खंगालने के बाद SIT को दी गई है।
पिछली तैनाती भी जांच के दायरे में
SIT ने प्राधिकरण से स्पष्ट रूप से पूछा था कि जिस प्लॉट और क्षेत्र में हादसा हुआ, वहां बीते कुछ वर्षों में किन-किन अधिकारियों की जिम्मेदारी रही। इसके जवाब में प्राधिकरण ने न सिर्फ मौजूदा तैनाती, बल्कि पहले तैनात रहे अधिकारियों का पूरा ब्योरा भी सौंप दिया है। जांच एजेंसी ने साफ कर दिया है कि जिम्मेदारी तय करने में सिर्फ वर्तमान पदस्थापन नहीं, बल्कि पूर्व में तैनात अधिकारियों की भूमिका भी बराबर आंकी जाएगी। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित क्षेत्र में जलभराव, सुरक्षा इंतजाम और नियमित मॉनिटरिंग को लेकर किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।
इन्हीं नामों पर टिकेगी जांच की दिशा
प्राधिकरण द्वारा भेजी गई 20 अधिकारियों की सूची को SIT ने बेहद अहम माना है। सूत्रों के मुताबिक, अब जांच का फोकस इन्हीं नामों पर रहेगा। SIT यह तय करने की कोशिश करेगी कि किस अधिकारी ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया और किन स्तरों पर सिस्टम फेल हुआ। माना जा रहा है कि जांच में तकनीकी रिपोर्ट, साइट निरीक्षण से जुड़े दस्तावेज और संबंधित अफसरों की फाइल नोटिंग भी खंगाली जाएगी, ताकि लापरवाही की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी अंतिम रिपोर्ट
SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी, जिसमें इन 20 अधिकारियों की भूमिका का विस्तृत उल्लेख होगा। हालांकि यह सूची केवल नोएडा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों की है। पुलिस और प्रशासन की अलग-अलग रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है, जिनमें अन्य विभागों से जुड़े कई नाम शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की जा सकती है कि किन अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई, निलंबन या अन्य दंडात्मक कदम उठाए जाएं। पहले से ही मुख्यमंत्री स्तर पर सख्त रुख के संकेत मिल चुके हैं, जिससे रिपोर्ट आने के बाद त्वरित कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
परिवार को इंसाफ की आस
युवराज मेहता की मौत के बाद से लगातार उठ रहे सवालों और जनदबाव के बीच अब पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद बंधी है। अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद परिवार का कहना है कि यदि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होती है, तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा। अब सबकी निगाहें SIT की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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