फर्जी कागज बनाकर बेची जमीन, कमाए करोड़ों रुपये, अब पुलिस ने सिखाया ऐसा सबक, सॉरी बोलते आया नजर

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नोएडा क्राइम ब्रांच ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए नोएडा प्राधिकरण की भूमि बेचने वाले आरोपी सुभाष यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी भूमि के अवैध क्रय-विक्रय के कई गंभीर आरोप हैं।

नोएडा अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सरकारी भूमि की अवैध बिक्री करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुभाष यादव पुत्र श्री राम यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी, थाना बिसरख का निवासी है और वर्तमान में सिद्धार्थ विहार, थाना विजयनगर, गाजियाबाद में रह रहा था। अपराध शाखा द्वारा साक्ष्य संकलन और विवेचनात्मक कार्रवाई के दौरान आरोपी का नाम सामने आया, जिसके बाद 20 जनवरी 2026 को उसे सूरजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े में लिप्त था और सरकारी भूमि को निजी बताकर बेचने का काम कर रहा था।


नोएडा प्राधिकरण की अधिग्रहीत भूमि का अवैध क्रय-विक्रय
पुलिस जांच में सामने आया है कि सुभाष यादव ने नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत भूमि को बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से बेच दिया। आरोपी ने ग्राम बिसरख स्थित खसरा संख्या 773 की भूमि को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर निजी भूमि दर्शाया और उसका गलत तरीके से क्रय-विक्रय किया। इस मामले में थाना बिसरख पर मुकदमा संख्या 128/2024 के तहत धारा 447, 353, 420, 467, 468, 471, 120बी और 34 आईपीसी में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस जमीन से जुड़े दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं और इससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई थी।


जमीन माफिया नेटवर्क की भी हो सकती है जांच
अपराध शाखा का मानना है कि आरोपी अकेले यह फर्जीवाड़ा नहीं कर रहा था, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह भी हो सकता है। इसी कड़ी में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन के इस अवैध सौदे में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तरह की धोखाधड़ी से कितने लोगों को चूना लगाया गया और कितनी सरकारी भूमि को गलत तरीके से बेचा गया।


अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी आया सामने
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुभाष यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ थाना बिसरख में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2024 का जमीन से जुड़ा धोखाधड़ी का मामला, वर्ष 2025 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में दर्ज केस और एक अन्य धोखाधड़ी व जालसाजी से संबंधित मामला शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी आदतन अपराधी है और पहले भी जमीन और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में संलिप्त रहा है। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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