नोएडा में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, भोले-भाले लोगों को तगड़ा चूना लगाते थे शातिर ठग, अब पुलिस ने दबोचा

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नोएडा में लैप्स बीमा पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सेक्टर-10 से तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। करोड़ों की ठगी में इस्तेमाल उपकरण बरामद किए गए हैं।

नोएडा में लैप्स बीमा पॉलिसी के पैसे वापस दिलाने के नाम पर भोले-भाले लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने खुलासा किया है। फेस-वन थाना पुलिस ने सेक्टर-10 में चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर तीन शातिर साइबर अपराधियों को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी देशभर के अलग-अलग राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं और अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। नोएडा की एडिशनल डीसीपी शेव्या गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन, लैपटॉप, प्रिंटर मशीन और बड़ी मात्रा में डाटा शीट बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये को फ्रीज करा दिया है।


बीमा पॉलिसी रिफंड का झांसा देकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को कॉल करते थे। वे कहते थे कि उनकी पुरानी या लैप्स हो चुकी बीमा पॉलिसी का पैसा रिफंड कराया जा सकता है। भरोसा जीतने के बाद प्रोसेसिंग फीस, टैक्स या अन्य चार्ज के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम ऐंठ ली जाती थी। कई मामलों में पीड़ितों को बार-बार कॉल कर अलग-अलग बहानों से पैसे ट्रांसफर कराए गए।

आरोपियों ने इसके लिए बाकायदा कॉल सेंटर जैसा सेट-अप तैयार कर रखा था, जिससे कॉल करने पर लोगों को यह एक वैध कंपनी जैसा लगे। कॉल करने वाले कर्मचारी स्क्रिप्ट के जरिए बात करते थे और पीड़ितों को कानूनी भाषा में उलझाकर डराते-धमकाते भी थे।


पैसे देकर खरीदा जाता था लोगों का डेटा
पुलिस के अनुसार, आरोपी बीमा कंपनियों से जुड़े लोगों या डेटा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों से पैसे देकर पॉलिसी धारकों का डेटा खरीदते थे। इसी डेटा के आधार पर वे देशभर के लोगों को कॉल करते थे। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि अब पुलिस उन कंपनियों और लोगों की पहचान कर रही है, जो अवैध रूप से डेटा उपलब्ध करा रहे थे। उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और नोटिस जारी किए जाएंगे।


देशभर में फैला था ठगी का नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस फर्जी कॉल सेंटर का नेटवर्क सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं था। आरोपी अलग-अलग राज्यों के लोगों को निशाना बना चुके हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं और ठगी की कुल रकम कितनी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बीमा पॉलिसी, बैंक अकाउंट या ओटीपी जैसी जानकारी साझा न करें। यदि कोई खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर पैसे मांगता है, तो पहले उसकी पुष्टि जरूर करें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें।

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