नोएडा में NHRC की टीम ने किया निरीक्षण, एयर क्वालिटी में सुधार के निर्देश, ISTMS, C&T प्लांट और बायोमेथेशन प्लांट का किया विजिट

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर ने नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र का निरीक्षण कर वायु प्रदूषण, मॉनिटरिंग सिस्टम, बायोमेथेनेशन और सीएंडडी प्लांट की समीक्षा की। उन्नत व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए ग्रेटर नोएडा में भी ऐसी प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए।

नोएडा में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर विद्या भूषण कुमार ने प्राधिकरण क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर विभिन्न परियोजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सेक्टर-94 स्थित आईएसटीएमएस में वायु प्रदूषण से जुड़े मामलों पर अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की गई। उन्होंने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रभावी और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि एंटी-स्मॉग गन और स्प्रिंकलर में एसटीपी से शोधित पानी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि पेयजल की बचत हो सके। निरीक्षण के दौरान मॉनिटरिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली को भी विस्तार से समझाया गया।


आईएसटीएमएस और कमांड सेंटर की सराहना

विशेष मॉनिटर ने आईएसटीएमएस और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां प्राधिकरण द्वारा शहर की विभिन्न सेवाओं और परियोजनाओं की निगरानी के लिए अपनाई जा रही उन्नत तकनीक की जानकारी दी गई। प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि इस तरह की व्यापक मॉनिटरिंग व्यवस्था प्रदेश के अन्य शहरों में उपलब्ध नहीं है। इस पर उन्होंने प्राधिकरण की सराहना की और इसी प्रकार की प्रणाली ग्रेटर नोएडा में भी विकसित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में बीओटी आधारित सार्वजनिक शौचालयों का भी अवलोकन किया गया, जहां बिना शुल्क निवासियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


जंगल ट्रेल और वेटलैंड पार्क का किया अवलोकन

निरीक्षण के दौरान नवनिर्मित जंगल ट्रेल का भी जायजा लिया गया। यहां अपशिष्ट सामग्री से तैयार की गई पशु आकृतियों की कारीगरी को सराहा गया। इसके बाद सेक्टर-54 स्थित वेटलैंड पार्क का निरीक्षण कर वहां की पर्यावरणीय संरचना और संरक्षण प्रयासों की जानकारी प्राप्त की गई। अधिकारियों ने बताया कि ये परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित की गई हैं।


बायोमेथेनेशन और सीएंडडी प्लांट की प्रक्रिया जानी

अंतिम चरण में सेक्टर-34 स्थित बायोमेथेनेशन प्लांट का निरीक्षण किया गया, जहां जैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और उससे ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया समझाई गई। इसके बाद सेक्टर-80 स्थित सीएंडडी प्लांट का अवलोकन कर निर्माण और विध्वंस अपशिष्टों के पुनर्चक्रण की व्यवस्था देखी गई। निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत की गई सुविधाओं और अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की सराहना की गई तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रयासों को जारी रखने पर जोर दिया गया।

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