नोएडा सब रजिस्ट्रार कार्यालय में इनकम टैक्स विभाग ने पकड़ी गड़बड़ी, रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड मिले अधूरे, टीम ने खंगाला डिजिटल डाटा

top-news
नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालय एसआरओ-1 में इनकम टैक्स विभाग की टीम ने सर्वे कर रिकॉर्ड की जांच की। जांच में हजार करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन संदिग्ध मिले हैं और कई रजिस्ट्रियों में अमान्य व अधूरे पैन नंबर पाए जाने से टैक्स चोरी की आशंका जताई गई है।

इनकम टैक्स विभाग की टीम ने शुक्रवार को नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालय नोएडा-1 (एसआरओ-1) में पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान संपत्ति रजिस्ट्रियों से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की गहन पड़ताल की गई। प्रारंभिक जांच में हजार करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन संदिग्ध पाए गए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है। टीम ने कई रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड खंगाले और उनसे जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया। इस कार्रवाई के दौरान कार्यालय में कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रदेश में चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है।


रजिस्ट्रियों में मिले अधूरे और अमान्य पैन नंबर

जांच के दौरान संपत्ति रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड में बड़ी संख्या में अमान्य, अधूरे और दोषपूर्ण पैन नंबर पाए गए। आयकर अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गड़बड़ियां आमतौर पर टैक्स चोरी की आशंका को बढ़ाती हैं। कई मामलों में दस्तावेजों में दर्ज पैन नंबरों का मिलान नहीं हो पाया, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। टीम ने रजिस्ट्रियों के साथ-साथ डिजिटल डेटा की भी जांच की और संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित किया। अधिकारियों का मानना है कि यदि इन मामलों की गहराई से जांच की जाए तो बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।


फॉर्म-61 और फॉर्म-61ए की रिपोर्टिंग में भी मिला अंतर

सर्वे के दौरान फॉर्म-61 और फॉर्म-61ए की रिपोर्टिंग में भी अंतर पाया गया है। अधिकारियों के अनुसार इन दोनों फॉर्म में दी गई जानकारी का मेल न होना भी संदेह को बढ़ाता है। इस वजह से कई रजिस्ट्रियों को लेकर विशेष रूप से जांच की जा रही है। सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आयकर विभाग की टीम के पहुंचने के बाद कर्मचारियों और दस्तावेज तैयार करने वाले एजेंटों में हलचल मच गई। कई कर्मचारी पूरे दिन जांच टीम के साथ रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में लगे रहे।


पहले कानपुर में भी मिली थीं बड़ी अनियमितताएं

आयकर विभाग इससे पहले कानपुर और कानपुर देहात के रजिस्ट्री कार्यालयों में भी इसी तरह की जांच कर चुका है। वहां भी सैकड़ों करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी रजिस्ट्री रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है। नोएडा में सामने आया मामला उसी जांच का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और दस्तावेज तैयार करने वाले एजेंटों के खिलाफ आयकर अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *