पश्चिमी यूपी से पूर्वी यूपी तक बसपा का फोकस, कांशीराम फॉर्मूला से कैडर साधने की कोशिश, दलित प्रेरणा स्थल से दिया सियासी भागीदारी का संदेश
- Shiv Kumar
- 16 Mar, 2026
बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम की जयंती के अवसर पर रविवार को नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में बसपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटी। बसपा सुप्रीमो मायावती के आवाहन पर आयोजित इस कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत आसपास के कई जिलों से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। सभी ने कांशीराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान बसपा नेताओं ने कांशीराम के सामाजिक आंदोलन और बहुजन राजनीति में उनके योगदान को याद किया। साथ ही कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और बहुजन समाज को एकजुट करने का आह्वान भी किया गया।
नेताओं ने कांशीराम के विचारों को आगे बढ़ाने का दिया संदेश
कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी मुनकाद अली, सतवीर नगर, उत्तराखंड बसपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहित आनंद, अखिलेश मंडल, विजय सिंह और लखमी सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कांशीराम ने देश की राजनीति में बहुजन समाज को नई दिशा दी। उन्होंने दलित और वंचित वर्ग को राजनीतिक भागीदारी के लिए संगठित किया। नेताओं का कहना था कि बसपा आज भी उन्हीं विचारों और सिद्धांतों पर चलकर समाज के सभी वर्गों को न्याय दिलाने के लिए काम कर रही है। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकर्ताओं के परिचय से हुई, जिसके बाद सभी नेताओं और समर्थकों ने कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले चुनावों को देखते हुए संगठन को मजबूत करना जरूरी है। बसपा नेता लखमी सिंह ने कहा कि कांशीराम के विचार आज भी पार्टी की राजनीति की आधारशिला हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बहुजन समाज को एकजुट करने और पार्टी के मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी को मजबूत बनाने और संगठन को सक्रिय रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर बसपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से राजनीतिक माहौल बनाने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसपा के संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। लंबे समय से चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही पार्टी अब अपने कैडर को दोबारा सक्रिय करने में जुटी है। पार्टी की रणनीति पश्चिमी उत्तर प्रदेश से माहौल बनाकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक संगठन को मजबूत करने की है। इसी उद्देश्य से नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल को कार्यक्रम के लिए चुना गया, जिसे बहुजन आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
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