सनफीस्ट ‘बाउंस ऑफ जॉय’ का एक साल पूरा, फुटबॉल मैच के आयोजन के साथ बच्चों को खेल के लिए किया गया जागरूक
- Shiv Kumar
- 16 Mar, 2026
बच्चों में खेल और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सनफीस्ट ‘बाउंस ऑफ जॉय’ कार्यक्रम ने अपने सफल संचालन का एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस अवसर पर फाइनल फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया, जिसमें विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस पहल का मकसद बच्चों को आउटडोर खेलों के लिए प्रेरित करना और स्कूलों व समुदायों में खेलों की भागीदारी बढ़ाना है। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ जीवन कौशल, पोषण और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान स्कूलों के छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
एक साल में एक लाख से ज्यादा बच्चों तक पहुंची खेल गतिविधियां
इस पहल के तहत बीते एक वर्ष में करीब 250 स्कूलों के एक लाख से अधिक छात्रों तक खेल गतिविधियां पहुंचाई गईं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर, बिहार के मुजफ्फरपुर और मुंगेर तथा झारखंड के रांची जिले के समुदायों में भी लगभग एक लाख बच्चों को इस कार्यक्रम का लाभ मिला। अभियान के अंतर्गत स्कूलों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई, प्रशिक्षित कोचों द्वारा नियमित खेल सत्र आयोजित किए गए और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करना है।
खेल बच्चों में आत्मविश्वास और अनुशासन बढ़ाते हैं
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी ज्योति चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन बच्चों तक खेल के अवसर पहुंचाते हैं जिन्हें सामान्य रूप से यह सुविधा नहीं मिल पाती। खासकर लड़कियों को खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित करना समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में यूपी फुटबॉल टीम के कप्तान अभिषेक
समापन समारोह में छात्रों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम का समापन समारोह दिल्ली के मयूर विहार स्थित सेंट मैरी स्कूल में आयोजित किया गया। इस मौके पर स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र और समुदाय के कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस पहल से उनके स्कूलों और समुदायों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। बच्चों ने कहा कि खेल गतिविधियों से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और टीमवर्क की भावना मजबूत हुई है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






