CBI ने घूस लेते दो को पकड़ा, प्राइवेट अस्पताल में रेफर करने के बदले ECHS मेडिकल ऑफिसर और प्राइवेट अस्पताल के प्रतिनिधि लेते थे पैसे
- Shiv Kumar
- 17 Mar, 2026
सीबीआई ने ECHS से जुड़े रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल ऑफिसर मेजर (रिटायर्ड) डॉ. आशीष शाक्य और एक निजी अस्पताल के प्रतिनिधि को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों मिलकर मरीजों को निजी अस्पताल में रेफर करने के बदले मोटी रिश्वत लेते थे। 15 मार्च 2026 को दर्ज इस मामले में कुल पांच आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें एक मेडिकल ऑफिसर, एक निजी कंपनी और अस्पताल से जुड़े तीन प्रतिनिधि शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
ट्रैप ऑपरेशन में 3 लाख की रिश्वत बरामद
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में ट्रैप ऑपरेशन चलाकर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा। जांच एजेंसी के अनुसार, निजी अस्पताल के प्रतिनिधि द्वारा मेडिकल ऑफिसर को 3 लाख रुपये की रिश्वत दी जा रही थी, तभी टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल मरीजों को खास निजी अस्पताल में भेजने के बदले कमीशन लेने का था, जिससे मरीजों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता था।
कई जिलों में छापेमारी, दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद
कार्रवाई के दौरान CBI की टीम ने नोएडा, एटा, फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं, जो इस पूरे नेटवर्क के विस्तार की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए साक्ष्यों की जांच की जा रही है, जिससे और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
जांच जारी, अन्य आरोपियों की भूमिका पर नजर
CBI का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
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