नोएडा में बुजुर्ग महिला से करोड़ों की ठगी, सिम का गलत इस्तेमाल करने का डर दिखाकर खाते से पार कर दिया माल, 15 दिन तक पैसे ट्रांसफर करते रहे साइबर अपराधी
- Shiv Kumar
- 18 Mar, 2026
नोएडा में साइबर ठगों का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर एक कारोबारी से करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर निवासी कारोबारी को 6 फरवरी को एक कॉल आया, जिसमें खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कहा गया कि उनके नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में हो रहा है। इसके बाद ठगों ने लगातार दबाव बनाकर उन्हें मानसिक रूप से डराया और अपने जाल में फंसा लिया।
वीडियो कॉल में कोर्ट जैसी सेटिंग दिखाकर बनाया भरोसा
ठगों ने कुछ ही देर बाद वीडियो कॉल कर पीड़ित को “डिजिटल अरेस्ट” में होने की बात कही। कॉल के दौरान कोर्ट जैसा माहौल दिखाया गया, जिसमें एक व्यक्ति जज के रूप में और दूसरा पुलिस अधिकारी की वर्दी में नजर आया। इससे पीड़ित को पूरी तरह यकीन हो गया कि मामला असली है। ठगों ने कहा कि अगर वह सहयोग नहीं करेगा तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसी डर के चलते पीड़ित उनके निर्देशों का पालन करने लगा।
कई किस्तों में ट्रांसफर कर दिए लाखों रुपये
ठगों ने बैंक खातों की जांच का हवाला देते हुए पीड़ित से कहा कि वह अपने खाते का पैसा वेरिफिकेशन के लिए अन्य खातों में ट्रांसफर करे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। डर के कारण पीड़ित ने 13 फरवरी से 26 फरवरी के बीच अलग-अलग तारीखों में 51.95 लाख, 48.95 लाख, 10.95 लाख, 17.20 लाख और 56,962 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 1 करोड़ 29 लाख 61 हजार 962 रुपये ठगों के खातों में पहुंच गए।
फर्जी लेटर भेजकर दिया झांसा, बाद में हुआ खुलासा
ठगी के बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट और मुंबई पुलिस के नाम से फर्जी लेटर भेजकर भरोसा दिलाया कि पैसा जल्द वापस किया जाएगा। लेकिन जब लंबे समय तक रकम वापस नहीं मिली, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने 12 मार्च को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और लोगों को इस तरह के साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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