यूट्यूबर एल्विश यादव को कोर्ट से बड़ी राहत, कोबरा पॉइजन सप्लाई के मामले में अदालत ने रद्द की यूपी पुलिस की FIR

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सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश यादव को बड़ी राहत देते हुए सांपों के जहर मामले में दर्ज FIR रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले, जिससे मामला खत्म कर दिया गया।

फेमस यूट्यूबर एल्विश यादव को सांपों के जहर मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि एल्विश यादव पर लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत मौजूद नहीं हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने मामले को खत्म करने का फैसला लिया। लंबे समय से सुर्खियों में चल रहे इस केस में अब एल्विश यादव को बड़ी कानूनी राहत मिल गई है और उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई पर पूरी तरह रोक लग गई है।


कैसे शुरू हुआ था पूरा मामला

नवंबर 2023 में एल्विश यादव समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि वह फार्महाउस में जिंदा सांपों के साथ वीडियो शूट करते हैं और रेव पार्टियों में सांप के जहर का इस्तेमाल होता है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से नौ जहरीले सांप और करीब 20 मिलीलीटर जहर बरामद हुआ था। इसके बाद सभी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। मामला सामने आते ही सोशल मीडिया और मीडिया में तेजी से चर्चा का विषय बन गया था।


गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक का सफर

मार्च 2024 में नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। हालांकि, कुछ दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। पुलिस ने अप्रैल 2024 में करीब 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कई गंभीर आरोप शामिल थे। वहीं, एल्विश लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे और कहते रहे कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कोर्ट में भी यही दलील दी कि उनके पास से कोई आपत्तिजनक चीज बरामद नहीं हुई और उनका अन्य आरोपियों से कोई सीधा संबंध नहीं है।


हाईकोर्ट से झटका, सुप्रीम कोर्ट से राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद एल्विश ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर और जांच प्रक्रिया में कई खामियां पाईं। कोर्ट ने माना कि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए एफआईआर को रद्द करना उचित है। इस फैसले के साथ ही एल्विश यादव को बड़ी राहत मिल गई है और अब इस मामले में उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं चलेगी।

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