नोएडा में ठगी के मामले में पुलिस का सख्त एक्शन, दो को दबोचा, डिजिटल अरेस्ट करने वाले ठगों को उपलब्ध कराए थे खाते, 1.29 करोड़ की ठगी से जुड़ा है मामला

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नोएडा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.29 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।

नोएडा में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक व्यक्ति से करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रिषभ (21) और कुंवर शुक्ला (20) के रूप में हुई है। दोनों को सेक्टर-63 थाना क्षेत्र से पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों साइबर ठगों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी।


TRAI अधिकारी बनकर डराया, डिजिटल अरेस्ट का झांसा दिया
जानकारी के अनुसार, ठगों ने पीड़ित को फोन कर खुद को TRAI का अधिकारी बताया। उन्होंने पीड़ित को कहा कि उसके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजे गए हैं, जिसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच और सीबीआई कर रही है। इसके बाद आरोपी ने जेल भेजने का डर दिखाकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट में होने का एहसास कराया। डर के माहौल में पीड़ित से अलग-अलग खातों में कुल 1.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।


खाते मुहैया कराते थे आरोपी, कई राज्यों से जुड़े तार
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी साइबर गिरोह के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था। इन खातों में अब तक 10.95 लाख रुपये ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों से जुड़े मामलों में देश के छह राज्यों—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार और जम्मू-कश्मीर—से कुल छह शिकायतें दर्ज हैं।


4.17 करोड़ की ठगी का खुलासा, पुलिस जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन खातों के जरिए अब तक करीब 4 करोड़ 17 लाख रुपये की ठगी की जा चुकी है। डीसीपी Shaivya Goyal ने बताया कि दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और इनके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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