नोएडा एक्सपोर्ट को मिलेगी हाइक, 15 फीसदी होगी ग्रोथ, यूरोप से खाड़ी देशों तक व्यापार होगा आसान
- Shiv Kumar
- 24 Mar, 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही गौतमबुद्धनगर की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले पांच वर्षों में जिले की आर्थिक गतिविधियों में करीब 15 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी से लगभग 94,272 करोड़ रुपये का निर्यात विदेशी बाजारों में किया जाता है, जिसमें करीब 40 प्रतिशत हिस्सा हवाई मार्ग से होता है। एयरपोर्ट चालू होने के बाद उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजारों से कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निर्यात और निवेश दोनों में तेजी आने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच होगी आसान
एयरपोर्ट के संचालन के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उद्योगों को अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, यूके, नीदरलैंड, यूएई, सऊदी अरब, सिंगापुर, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से सीधा जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही देश के करीब 45 बड़े शहरों से भी हवाई कार्गो कनेक्टिविटी बनने की संभावना है। इससे निर्यात प्रक्रिया तेज और सस्ती होगी। अभी कई उद्योगों को दिल्ली या अन्य शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ती है। नए एयरपोर्ट के चालू होने से यह निर्भरता कम होगी और व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
बड़े कार्गो हब के रूप में उभरेगा जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत के प्रमुख एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने यहां आधुनिक कार्गो कैंपस और एयर कैटरिंग यूनिट के लिए करीब 4,458 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया है। शुरुआती चरण में यहां एक लाख टन से अधिक कार्गो क्षमता रहने का अनुमान है, जिसे भविष्य में बढ़ाया जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देगी। इसके अलावा पश्चिमी यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड के उद्योग भी धीरे-धीरे अपना निर्यात यहां शिफ्ट कर सकते हैं, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा।
यमुना सिटी बनेगी औद्योगिक हब
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है। यहां अगले पांच वर्षों में 5 हजार से अधिक उद्योग स्थापित होने की संभावना है, जिनमें सेमीकंडक्टर यूनिट, मेडिकल डिवाइस पार्क और अपैरल इंडस्ट्री प्रमुख हैं। इसके अलावा 175 एकड़ में विकसित हो रहा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर भी इस क्षेत्र को नई पहचान देगा। वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा से करीब 55 हजार करोड़ रुपये का रेडीमेड गारमेंट्स निर्यात होता है, जो आने वाले वर्षों में बढ़कर 90 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इससे क्षेत्र में रोजगार, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
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