साइबर क्राइम पुलिस ने दो वॉन्टेड अपराधियों को दबोचा, कब्चे से दो मोबाइल फोन बरामद
- Shiv Kumar
- 26 Mar, 2026
नोएडा में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने संकलित सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को आगरा और मध्य प्रदेश के भिंड जिले से पकड़ा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नरेंद्र सिंह और इन्द्रेश के रूप में हुई है। इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी लोगों को फर्जी अधिकारी बनकर डराते थे और “CBI जांच” का भय दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करते थे। इस कार्रवाई के बाद साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिससे कई राज्यों में लोगों को निशाना बनाया गया था।
फर्जी CBI अधिकारी बनकर लोगों को डराते थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। वे पीड़ितों को यह कहते थे कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है और उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” किया जा सकता है। इस डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने एक पीड़ित से ही करीब 1.29 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इसमें से लगभग 48.95 लाख रुपये आरोपियों के खाते में आए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के संयुक्त बैंक खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों से कुल 8 शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। कुल मिलाकर इनसे करीब 2.20 करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है।
पहले भी दो आरोपी जा चुके हैं जेल, जांच जारी
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और किन-किन माध्यमों से लोगों को ठगा जा रहा था। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉल या मैसेज पर खुद को CBI, ED या पुलिस अधिकारी बताने वालों से सावधान रहें। “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती है। ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
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