नोएडा में पकड़ा गया फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज, रिमोट से किया जा रहा था ऑपरेट, तीन के खिलाफ FIR दर्ज
- Shiv Kumar
- 31 Mar, 2026
नोएडा के फेज-2 थाना क्षेत्र में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने एक अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया है, जो सर्वर और इंटरनेट कनेक्शन के जरिए संचालित किया जा रहा था। इस मामले में एटीएस के उपनिरीक्षक राजेश यादव की शिकायत पर फेज-2 थाने में केस दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल को घरेलू कॉल में बदलकर नियमों को दरकिनार किया जा रहा था। पुलिस अब इस पूरे रैकेट से जुड़े आरोपियों की तलाश में जुटी है और तकनीकी जांच भी तेज कर दी गई है।
सर्वर किराए पर लेकर शुरू किया गया पूरा नेटवर्क
जांच के दौरान पता चला कि एनएसईजेड क्षेत्र की एक कंपनी, जो डाटा सेंटर और क्लाउड सर्विस देती है, उसी के जरिए यह अवैध काम चलाया जा रहा था। 14 नवंबर 2025 को एक्सलो टेक्नोलॉजी नाम की कंपनी की ओर से सर्वर और इंटरनेट कनेक्शन लेने के लिए ई-मेल किया गया था। इसके बाद नजीबुल्हा नाम के व्यक्ति ने संपर्क कर सर्वर के लिए ऑर्डर दिया। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 फरवरी 2026 को करीब 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया। भुगतान मिलते ही कंपनी की आईटी टीम ने सर्वर एक्टिव कर दिया। यहीं से इस अवैध नेटवर्क की शुरुआत हुई। आरोप है कि नजीबुल्हा इस पूरे सिस्टम को दूर बैठकर रिमोट तरीके से ऑपरेट कर रहा था।
विदेशी कॉल को लोकल बनाकर नियमों को किया बायपास
जांच में यह भी सामने आया कि 23 फरवरी को आरोपी ने जियो डिजिटल के जरिए स्टेटिक आईपी कनेक्शन लिया और सर्वर से जोड़कर तकनीकी सेटअप तैयार किया। शुरुआत में 16 कनेक्शन चालू किए गए थे। सर्वर पर रिमोट एक्सेस, डाटा इन-आउट और इंटरनेट की सुविधा के साथ तीन केबल भी जोड़ी गई थीं। इस सेटअप के जरिए विदेश से आने वाली कॉल को इंटरनेट की मदद से भारत में लोकल कॉल की तरह दिखाया जा रहा था। इससे इंटरनेशनल लॉन्ग डिस्टेंस गेटवे को बायपास किया जा रहा था, जो पूरी तरह अवैध है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी नजीबुल्हा समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
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