नोएडा में बदला मौसम, तेज हवा के साथ झमाझम बारिश, गर्मी से राहत, किसानों की बढ़ी चिंता
- Shiv Kumar
- 07 Apr, 2026
नोएडा और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा था, जिससे लोगों का हाल बेहाल था, लेकिन अब बारिश और ठंडी हवाओं ने माहौल को काफी हद तक ठंडा कर दिया है। सड़कों पर चलते लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं कई जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक की रफ्तार भी प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण देखा जा रहा है, जिसका असर पूरे उत्तर भारत में महसूस किया जा रहा है।
तेज हवाओं और बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा
नोएडा में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही, जिसके बाद दोपहर तक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में तेज झोंकों के कारण पेड़ हिलते नजर आए और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हाल के दिनों में एनसीआर में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया था, जहां तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा था। ऐसे में इस बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता, फसलों को नुकसान का खतरा
जहां एक तरफ बारिश से आम लोगों को राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का विषय बन गई है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। खासकर गेहूं और सरसों की फसल पर इसका असर पड़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि और आंधी के कारण पहले ही फसलें प्रभावित हुई हैं। ऐसे में मौसम का यह बदला मिजाज किसानों के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है।
पिछले दिनों भी बदला था मौसम का मिजाज
गौरतलब है कि पिछले 48 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला था। कई स्थानों पर ओले भी गिरे, जिससे तापमान में गिरावट आई। मौसम विभाग ने पहले ही आने वाले दिनों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल के शुरुआती दिनों में इस तरह का मौसम बदलाव असामान्य जरूर है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऐसी स्थिति बनती है।
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