नोएडा में साइबर ठगी गैंग का भंडाफोड़, 16 आरोपी गिरफ्तार, निशाने पर थे विदेशी नागरिक

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नोएडा के सेक्टर-16 में साइबर ठगी गैंग का खुलासा हुआ, जहां 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी फर्जी तकनीकी सहायता बनकर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाते थे और डिजिटल मुद्रा में पैसे वसूलते थे। पुलिस को करोड़ों की ठगी के सबूत मिले हैं।

नोएडा में साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने सेक्टर-16 से संचालित एक संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से लोगों को तकनीकी सहायता और ग्राहक सेवा के नाम पर ठग रहे थे। आरोपी सामाजिक माध्यम पर फर्जी विज्ञापन चलाकर खुद को तकनीकी सहायता या ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बताते थे और लोगों को अपने जाल में फंसा लेते थे। खास बात यह है कि यह गिरोह मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाता था। डर और भ्रम पैदा करके उनसे पैसे वसूले जाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क काफी संगठित तरीके से चल रहा था और करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया है।


कैसे करते थे साइबर ठगी का पूरा खेल
पुलिस के अनुसार आरोपी सबसे पहले सामाजिक माध्यम पर फर्जी विज्ञापन डालते थे, जिसमें तकनीकी सहायता या ग्राहक सेवा का दावा किया जाता था। जब कोई व्यक्ति संपर्क करता था, तो आरोपी उसे बताते थे कि उसके कंप्यूटर या खाते में कोई बड़ी समस्या है या फिर हैकिंग का खतरा है। इसके बाद वे उसे डराकर स्क्रीन साझा करने वाला एक अनुप्रयोग डाउनलोड कराते थे। जैसे ही पीड़ित यह करता था, आरोपी उसके कंप्यूटर का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते थे। इसके जरिए वे बैंक विवरण और अन्य निजी जानकारी हासिल कर लेते थे और फिर उसी का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम देते थे।


विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना
इस गिरोह की खास बात यह थी कि यह मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाता था। आरोपी अंग्रेजी में बातचीत कर उन्हें भरोसे में लेते थे और तकनीकी समस्या का डर दिखाकर पैसे मांगते थे। अगर किसी खाते में ज्यादा पैसा नहीं होता था, तो भी वे 100 से 500 डॉलर तक की रकम वसूल लेते थे। ठगी के पैसे डिजिटल मुद्रा के रूप में लिए जाते थे, जिससे उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता था। पुलिस का कहना है कि इस तरीके से आरोपियों ने बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाया और भारी रकम जुटाई।


पुलिस को मिले बड़े सबूत और उपकरण
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन उपकरणों की जांच में करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़े सबूत मिले हैं। पुलिस अब इन डिजिटल उपकरणों का गहराई से विश्लेषण कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह के तार और किन-किन जगहों से जुड़े हुए हैं।


पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
डीसीपी साइबर नोएडा Shaivya Goyal ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए काम कर रही है और अन्य जुड़े लोगों की भी तलाश की जा रही है।

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