नोएडा हिंसा की 7 खौफनाक तस्वीरें, देखकर हिल जाएंगे आप, 50 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़, लगा दी आग, तोड़ दी गाड़ियां

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नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है। 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़, 150 से अधिक गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने के साथ कई जगह आगजनी हुई है। पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात काबू किए और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया है।

नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में पथराव और तोड़फोड़ की, जबकि 150 से अधिक गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। करीब 50 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। कई इलाकों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।




कई इलाकों में फैली हिंसा, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। सैकड़ों कर्मचारियों को बसों में भरकर हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि 9 अप्रैल से वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था, लेकिन सोमवार को यह उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम में बड़ी संख्या में युवा शामिल रहे, जिनकी उम्र 18 से 30 साल के बीच बताई जा रही है।




कहां और कैसे भड़की हिंसा

सबसे पहले फेज-2 इलाके में स्थिति बिगड़ी, जहां कर्मचारियों ने सुनवाई न होने पर उग्र होकर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदर्शन धीरे-धीरे नोएडा के करीब 10 औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में फैल गया। सेक्टर-57 में 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई। सेक्टर-40 और 60 में कंपनियों का घेराव किया गया। सेक्टर-85 में एक कंपनी का गेट तोड़ दिया गया। सेक्टर-1, 15, 62 और डीएनडी फ्लाइओवर के पास सड़क जाम कर दी गई, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात को नियंत्रित करने के लिए कुछ क्षेत्रों में रैपिड एक्शन फोर्स और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी तैनात की गई है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।




प्रशासन सख्त, उच्च स्तरीय जांच के आदेश

हालात पर काबू पाने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ रैपिड एक्शन फोर्स और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी को तैनात किया गया है। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।





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