न्यू नोएडा में श्रमिकों के लिए बनेंगे आवास, एक महीने बाद शुरू होगा अधिग्रहण, 80 गांवों में 4 फेज में बसेगा शहर
- Shiv Kumar
- 20 Apr, 2026
नोएडा और आसपास के इलाकों में तेजी से बढ़ती आबादी और सीमित जमीन के बीच अब “नया नोएडा” बसाने की योजना पर काम तेज हो गया है। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक अगले एक महीने के भीतर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस नई परियोजना के तहत दादरी और बुलंदशहर के करीब 80 गांवों की जमीन शामिल होगी। खास बात यह है कि इस नए शहर में न सिर्फ आवासीय और औद्योगिक विकास होगा, बल्कि श्रमिकों के लिए अलग से आवास की व्यवस्था भी की जाएगी। मौजूदा नोएडा लगभग पूरी तरह विकसित हो चुका है, ऐसे में नए क्षेत्र का विस्तार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। प्राधिकरण का मानना है कि यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विकास की दिशा बदल सकता है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
नए नोएडा प्रोजेक्ट क्या है और क्यों है जरूरी?
नया नोएडा एक बड़ा शहरी विकास प्रोजेक्ट है, जिसे तेजी से बढ़ती आबादी और सीमित जमीन की समस्या को देखते हुए तैयार किया गया है। मौजूदा नोएडा में अब बहुत कम खाली जमीन बची है, जिससे नए आवास और उद्योगों के लिए जगह की कमी महसूस हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए नए इलाके को विकसित करने की योजना बनाई गई है। यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में शहर के विस्तार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नई सुविधाओं के लिए अहम माना जा रहा है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कब और कैसे होगी?
प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण के लिए पूरी तैयारी कर ली है और अगले एक महीने में इसकी शुरुआत होने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी, ताकि किसी तरह का विवाद न हो। इसके लिए अलग टीमों का गठन किया जाएगा, जो गांव-गांव जाकर किसानों से बातचीत करेंगी और प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगी।
मुआवजा दर और बजट की पूरी जानकारी
जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा दर पहले ही तय कर दी गई है। किसानों को करीब 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने करीब 1000 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। अधिकारियों का कहना है कि मुआवजा दर यमुना क्षेत्र के बराबर रखी गई है, ताकि किसानों को उचित लाभ मिल सके और वे आसानी से सहमति दे सकें।
श्रमिकों के लिए भी बनाए जाएंगे आवास
इस परियोजना की एक खास बात यह है कि इसमें श्रमिकों के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी। आमतौर पर बड़े शहरों में श्रमिकों के लिए रहने की सुविधा कम होती है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। नए नोएडा में इस समस्या को ध्यान में रखते हुए प्लान तैयार किया गया है, ताकि काम करने वाले लोगों को बेहतर जीवन मिल सके।
नए नोएडा का मास्टर प्लान और नाम
नए नोएडा का मास्टर प्लान-2041 पहले ही मंजूर हो चुका है। कागजों में इस प्रोजेक्ट का नाम दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र रखा गया है। इस प्लान के तहत शहर को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा, जिसमें आवास, उद्योग, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे शामिल होंगे।
कहां बनेगा प्राधिकरण का ऑफिस?
नए नोएडा के विकास के लिए प्राधिकरण ने अस्थाई कार्यालय के लिए जमीन भी चिन्हित कर ली है। यह जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है। करीब 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में यह कार्यालय बनाया जाएगा, जिससे विकास कार्यों की निगरानी और संचालन आसान हो सके।
चार चरणों में होगा शहर का विकास
नए नोएडा को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 3165 हेक्टेयर, दूसरे में 3798, तीसरे में 5908 और चौथे चरण में 8230 हेक्टेयर जमीन शामिल होगी। हालांकि योजना के मुताबिक काम थोड़ा पीछे चल रहा है, लेकिन अब इसे तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?
प्राधिकरण का लक्ष्य है कि पहले चरण को 2027 तक पूरा किया जाए, जबकि पूरे प्रोजेक्ट को 2041 तक विकसित किया जाना है। हालांकि जमीन अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को देखते हुए इसमें बदलाव भी हो सकता है।
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