नोएडा में क्लाउड किचन पर कसा शिकंजा, लगा दो लाख रुपए का जुर्माना, बल्क वेस्ट जनरेट नियमों का पालन न करने पर एक्शन
- Shiv Kumar
- 25 Apr, 2026
नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-8 स्थित एक क्लाउड किचन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई केआईसी फूड प्रोडेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ की गई, जहां बल्क वेस्ट जनरेट से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां पाईं, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि शहर में स्वच्छता और पर्यावरण मानकों को लेकर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण में सामने आई कई बड़ी खामियां
निरीक्षण टीम का नेतृत्व जन स्वास्थ्य अधिकारी इंदु प्रकाश सिंह और हेल्थ एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रबंधक राहुल कुमार ने किया। जांच के दौरान पाया गया कि क्लाउड किचन में इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। इसके अलावा ऑयल-ग्रीस ट्रैप और ट्यूब सेटलर भी बंद मिले। यूनिट में फ्लो मीटर तक नहीं लगाया गया था, जो एक जरूरी व्यवस्था मानी जाती है। स्लज मैनेजमेंट भी मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा था और लॉगबुक तक नहीं रखी जा रही थी। इससे साफ है कि नियमों की अनदेखी लंबे समय से हो रही थी।
प्लास्टिक का इस्तेमाल और कचरा प्रबंधन में लापरवाही
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यूनिट में सिंगल यूज प्लास्टिक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि इस पर पहले से प्रतिबंध है। टीम ने मौके से करीब 30 किलो प्लास्टिक जब्त किया। इसके अलावा ऑर्गेनिक वेस्ट कनवर्टर प्लांट भी नहीं लगाया गया था, जबकि यह इस श्रेणी के संस्थानों के लिए जरूरी होता है। कचरे का सही तरीके से पृथक्करण और भंडारण भी नहीं किया जा रहा था, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई थी।
प्राधिकरण की चेतावनी, आगे होगी सख्त कार्रवाई
इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और सख्त निर्देश दिए कि जल्द से जल्द सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर आगे भी ऐसी लापरवाही सामने आई तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के बाद टीम ने सेक्टर-55 स्थित एक होटल में भी कचरा प्रबंधन और ट्रीटमेंट प्लांट की जांच की। प्राधिकरण अब शहर में पर्यावरण नियमों को लेकर लगातार निगरानी बढ़ा रहा है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






