UP RERA ने 1270 करोड़ की निवेश वाली 15 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी, जानें 10 जिलों में कितने आवासीय एवं व्यावसायिक यूनिट बनेंगी
- Shiv Kumar
- 25 Apr, 2026
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिला है। उत्तर प्रदेश विनियामक प्राधिकरण ने 1,270.48 करोड़ रुपये के निवेश वाली 15 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य के 10 जिलों में करीब 3,102 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। यह फैसला प्राधिकरण की 201वीं बैठक में लिया गया। इन योजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग की परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना और व्यापारिक ढांचे को मजबूत करना है। इससे न सिर्फ शहरी विकास को गति मिलेगी, बल्कि आने वाले समय में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गौतमबुद्धनगर सबसे आगे, कई जिलों को मिला फायदा
मंजूरी के मामले में गौतमबुद्धनगर जिला सबसे आगे रहा, जहां 507.77 करोड़ रुपये की लागत से दो आवासीय और एक व्यावसायिक परियोजना को स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं के तहत 380 आवासीय और 169 व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण होगा। वहीं लखनऊ में 90.77 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनसे 330 आवासीय और 348 व्यावसायिक इकाइयां विकसित होंगी। मुरादाबाद में 335.77 करोड़ की एक बड़ी व्यावसायिक परियोजना को हरी झंडी मिली है। इसके अलावा बदायूं, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और गोरखपुर में भी अलग-अलग लागत की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे इन जिलों में विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों होंगे मजबूत
इन परियोजनाओं के जरिए जहां एक ओर लोगों को नए घर मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर व्यावसायिक ढांचा भी मजबूत होगा। इससे शहरों में संतुलित विकास देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि छोटे और मध्यम शहरों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिससे वहां भी रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलेगी। प्राधिकरण का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहरी क्षेत्रों का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से होगा।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
1,270 करोड़ रुपये से ज्यादा के इस निवेश का सबसे बड़ा असर रोजगार पर देखने को मिलेगा। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलेगा, जिसमें मजदूर, इंजीनियर, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं। इसके साथ ही निर्माण सामग्री की मांग बढ़ने से स्थानीय बाजारों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से संबंधित जिलों की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी और राज्य के विकास में यह एक अहम कदम साबित होगा।
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