भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट ने किया ट्रेड डील का विरोध, किसानों के हितों को लेकर सरकार को सौंपा ज्ञापन
- Shiv Kumar
- 30 Apr, 2026
गौतमबुद्धनगर में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर हुए इस विरोध में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापार समझौते सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र को प्रभावित करेंगे और इसका सबसे ज्यादा नुकसान देश के छोटे और मध्यम किसानों को उठाना पड़ेगा।
विदेशी उत्पादों से किसानों को होगा नुकसान
प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि देश का किसान पहले ही बढ़ती लागत, फसलों के कम दाम, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के बोझ जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी जाती है, तो इससे स्थानीय किसानों की फसल के दाम गिर जाएंगे। उन्होंने कहा कि विदेशों में खेती बड़े स्तर पर व्यापार के रूप में होती है, जबकि भारत में यह आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय किसानों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत कई मांगें
भाकियू चढूनी ने आशंका जताई कि इन व्यापार समझौतों से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा और कृषि क्षेत्र में निजीकरण तथा कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा। इससे किसानों की स्वतंत्रता प्रभावित होगी और देश की खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। संगठन ने यह भी कहा कि यदि ऐसी नीतियां लागू होती हैं, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब होगी, जिससे गंभीर सामाजिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। संगठन ने मांग की है कि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री जैसे क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए। इस दौरान युवा जिलाध्यक्ष अनुज नागर समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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