नोएडा में पुलिस अधिकारी बनकर ठग लिए 7 लाख, 14 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, एफसीआई से है सेवानिवृत्त पीड़ित
- Shiv Kumar
- 01 May, 2026
नोएडा में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 70 वर्षीय बुजुर्ग से 7 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने बुजुर्ग को करीब 14 दिन तक मानसिक दबाव में रखा और लगातार वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ करते रहे। डर और घबराहट में पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दी। मामला सामने आने के बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और ऐसे मामलों की तुरंत शिकायत करें।
आधार के गलत इस्तेमाल का डर दिखाया
सेक्टर-34 थाना क्षेत्र में रहने वाले मुरारी प्रसाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 10 अप्रैल को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है और उनके खिलाफ जांच चल रही है। इसके बाद कॉल दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर की गई, जिसने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। आरोपियों ने बुजुर्ग को कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज है। साथ ही यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच हो रही है और सहयोग नहीं करने पर गिरफ्तारी के साथ संपत्ति जब्त की जा सकती है। इन बातों से बुजुर्ग पूरी तरह डर गए और ठगों के झांसे में आ गए।
वीडियो कॉल पर पूछताछ कर खाते से ट्रांसफर कराए पैसे
ठगों ने लगातार वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित से बातचीत की और उन्हें डिजिटल अरेस्ट जैसा माहौल महसूस कराया। इस दौरान उनसे बैंक खातों, निवेश और आर्थिक स्थिति से जुड़ी पूरी जानकारी ली गई। आरोपियों ने यह भी कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए किसी को भी इसकी जानकारी न दें। इसके बाद जांच के नाम पर पीड़ित को अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। 24 अप्रैल को बुजुर्ग ने आरोपियों के बताए खाते में 7 लाख रुपये भेज दिए। हालांकि बाद में उन्हें शक हुआ और उन्होंने आगे पैसे भेजने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साइबर ठगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
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