श्रमिक दिवस पर नोएडा में हाई अलर्ट, ड्रोन से निगरानी और इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में सख्त सुरक्षा, पुलिस कर रही पेट्रोलिंग
- Shiv Kumar
- 01 May, 2026
नोएडा में गुरुवार को श्रमिक दिवस के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाई अलर्ट पर रही। शहर के तीनों प्रमुख इंडस्ट्रियल जोन फेज-1, फेज-2 और फेज-3 में पुलिस और प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई, जबकि लगातार पैदल मार्च और पेट्रोलिंग भी चलती रही। खुद पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। मजदूर दिवस के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल को विशेष रूप से सक्रिय रखा गया। शहर के कई प्रमुख चौराहों, फैक्ट्रियों और श्रमिक बहुल इलाकों में पुलिस की मौजूदगी पूरे दिन नजर आई। प्रशासन ने साफ किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
11 जोन और 49 सेक्टर में बांटा गया पूरा जनपद
श्रमिक दिवस को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने पूरे जिले को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की। नोएडा को चार जोन और 16 सेक्टर, सेंट्रल नोएडा को तीन जोन और 24 सेक्टर, जबकि ग्रेटर नोएडा को चार जोन और नौ सेक्टरों में विभाजित किया गया। सुरक्षा ड्यूटी में छह एसपी रैंक के अधिकारी, 14 अपर पुलिस अधीक्षक, 30 क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी, 65 निरीक्षक और 400 उपनिरीक्षक तैनात किए गए। इसके अलावा 150 महिला उपनिरीक्षक, 900 आरक्षी और 200 महिला आरक्षियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस के साथ 10 कंपनी पीएसी भी विभिन्न क्षेत्रों में तैनात रही। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही विस्तृत प्लान तैयार किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, विरोध प्रदर्शन या अव्यवस्था को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
सीटू कार्यकर्ताओं ने मजदूरों से की बातचीत
श्रमिक दिवस पर सीटू से जुड़े कार्यकर्ता भी सुरजपुर स्थित इंडस्ट्रियल जोन पहुंचे। यहां उन्होंने फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान मजदूरों के हक, वेतन, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। सीटू पदाधिकारियों ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पुलिस भी सतर्क नजर आई और पूरे इलाके में निगरानी बनाए रखी गई। हालांकि दिनभर कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने दावा किया कि पुलिस और श्रमिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की वजह से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। मजदूरों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष जताया और प्रशासन के इंतजामों की सराहना की।
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