नोएडा में सीवर सफाई के लिए हाईटेक व्यवस्था, केरल मॉडल को अपनाकर अब रोबोट से होगी सफाई, कर्मचारियों के साथ हादसों पर फैसला

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नोएडा में जल्द ही रोबोटिक तकनीक से सीवर और मैनहोल की सफाई शुरू होगी। नई व्यवस्था से सफाई कर्मचारियों को सीवर में उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और हादसों का खतरा लगभग खत्म हो जाएगा।

नोएडा में सीवर सफाई व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने जा रही है। शहर में जल्द ही मैनुअल सफाई की जगह रोबोटिक तकनीक से सीवर और मैनहोल की सफाई शुरू की जाएगी। हाल के वर्षों में सीवर सफाई के दौरान हुए हादसों और कर्मचारियों की मौतों के बाद नोएडा प्राधिकरण ने यह बड़ा फैसला लिया है। नई तकनीक लागू होने के बाद सफाई कर्मचारियों को जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी जैसे खतरनाक हालात का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्राधिकरण के जल खंड विभाग ने इस दिशा में तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों को रोबोटिक मशीनों के संचालन और रखरखाव की ट्रेनिंग देने के लिए 9 मई को दो वरिष्ठ प्रबंधकों को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम भेजा जाएगा। वहां वे आधुनिक सीवर सफाई सिस्टम का अध्ययन करेंगे और उसके संचालन की पूरी प्रक्रिया समझेंगे। माना जा रहा है कि इस पहल से नोएडा की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।


केरल मॉडल से बदलेगी नोएडा की सफाई व्यवस्था

केरल देश का पहला राज्य माना जाता है, जहां बड़े स्तर पर रोबोटिक मशीनों से मैनहोल और सीवर की सफाई की जा रही है। वहां बिना किसी कर्मचारी को सीवर में उतारे मशीनों के जरिए सफाई की जाती है। इसी मॉडल को सफल मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के शहरी निकाय विभाग ने नोएडा समेत कई शहरों को आधुनिक तकनीक अपनाने के निर्देश दिए हैं। नोएडा प्राधिकरण अब उसी तर्ज पर अपने सिस्टम को अपडेट करने की तैयारी में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सीवर सफाई का काम ज्यादा सुरक्षित और तेज हो जाएगा। अब तक कई बार कर्मचारियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतरना पड़ता था, जिससे हादसों का खतरा बना रहता था। नई तकनीक आने के बाद ऐसी घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद है और सफाई व्यवस्था अधिक आधुनिक हो जाएगी।


कैमरा और सेंसर से लैस होंगे सफाई रोबोट

सीवर सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाली रोबोटिक मशीनें आधुनिक कैमरा, सेंसर और मैकेनिकल आर्म से लैस होंगी। यह मशीनें मैनहोल के अंदर उतरकर गाद, प्लास्टिक और जाम सामग्री को बाहर निकालेंगी। पूरी प्रक्रिया ऑपरेटर बाहर बैठकर कंट्रोल सिस्टम के जरिए संचालित करेगा। इससे कर्मचारियों को सीवर के अंदर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और जोखिम लगभग खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रोबोटिक सफाई से न सिर्फ कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि सीवर लाइनें तेजी से साफ होंगी और लोगों की शिकायतें भी कम होंगी। प्राधिकरण का मानना है कि अगर नोएडा में यह व्यवस्था सफल रही, तो इसे प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है। इससे शहरी सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और स्मार्ट सिटी मॉडल को भी मजबूती मिलेगी।

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