पहले दिखाया मुनाफा फिर ठग लिए 75 लाख रुपए, निवेश का दिया झांसा, नोएडा में रिटायर्ड टेलीकॉम इंजीनियर से की साइबर ठगी

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नोएडा में साइबर ठगों ने आईपीओ और शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर टेलीकॉम विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर से 75 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। आरोपियों ने फर्जी निवेश ग्रुप और ट्रेडिंग ऐप के जरिए भरोसा जीतकर रकम ट्रांसफर कराई।

नोएडा में साइबर ठगों ने निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच देकर टेलीकॉम विभाग से रिटायर्ड 71 वर्षीय इंजीनियर से 75 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। ठगों ने पहले शेयर बाजार और आईपीओ में भारी कमाई का सपना दिखाया, फिर भरोसा जीतकर धीरे-धीरे बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम भेजी गई थी। साइबर अपराधियों ने पूरी साजिश इतनी चालाकी से रची कि बुजुर्ग इंजीनियर को लंबे समय तक ठगी का एहसास तक नहीं हुआ। घटना के बाद पुलिस लोगों से ऑनलाइन निवेश के नाम पर आने वाले लालच से सावधान रहने की अपील कर रही है।


वॉट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ खेल
सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हैमलेट सोसाइटी में रहने वाले आलोक सहदेव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 फरवरी 2026 को उन्हें वॉट्सऐप पर एक निवेश ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप का नाम ‘वेल्थ एलायंस’ बताया गया था। ग्रुप में शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का दावा किया जा रहा था। वहां मौजूद लोग लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट और ट्रेडिंग से जुड़ी जानकारी साझा करते रहते थे। आरोपियों ने आलोक सहदेव को एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया और कहा कि इसके जरिए भारतीय और विदेशी शेयर बाजार में निवेश किया जा सकता है। शुरुआत में उन्होंने छोटी रकम लगाई, जिस पर करीब आठ हजार रुपये का लाभ दिखाया गया। यह रकम उनके खाते में वापस भी भेज दी गई, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया।


धीरे-धीरे बढ़ता गया निवेश
शुरुआती मुनाफा दिखाने के बाद साइबर ठगों ने बुजुर्ग इंजीनियर को बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्हें बताया गया कि खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना जरूरी है और आईपीओ में निवेश करने पर भारी फायदा मिलेगा। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। आरोपियों ने यह भी कहा कि उनके शेयर अधिक मात्रा में अलॉट हो गए हैं और अतिरिक्त रकम जमा नहीं करने पर उनका खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। इसी दबाव में आकर पीड़ित लगातार पैसे भेजते रहे। आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम को इस तरह पेश किया कि उन्हें हर बार बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद बनी रही।


पैसे देने से मना किया तो अकाउंट ब्लॉक
जब पीड़ित ने और पैसे ट्रांसफर करने से इनकार किया, तब ठगों ने उनका ट्रेडिंग ऐप अकाउंट ब्लॉक कर दिया। साथ ही उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप से भी बाहर कर दिया गया। ऐप पर दिखाया जा रहा पूरा मुनाफा भी अचानक गायब हो गया। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो चुकी है। शिकायत के मुताबिक साइबर अपराधियों ने कुल 75 लाख 64 हजार 47 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जिन खातों में रकम भेजी गई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।

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