नोएडा में अवैध कबाड़ियों पर सख्ती की तैयारी, पुलिस वेरिफिकेशन और NOC हुई अनिवार्य
- Shiv Kumar
- 11 May, 2026
दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में अब अवैध कबाड़ कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। डूब क्षेत्र, गांवों और खाली पड़े सरकारी प्लॉटों पर तेजी से बढ़ रहे कबाड़ केंद्रों को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने नई पॉलिसी तैयार करनी शुरू कर दी है। इसके तहत अब शहर में कबाड़ का कारोबार करने वाले हर संचालक को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस और अनुमति के कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि अवैध कबाड़ केंद्रों की वजह से शहर में गंदगी, अतिक्रमण और सुरक्षा संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। कई जगहों पर खाली भूखंडों और सड़क किनारे कबाड़ जमा होने से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए पूरे शहर में सर्वे कर कबाड़ियों का डेटा तैयार करने की योजना बनाई गई है।
सर्वे के लिए बनेगी विशेष कमेटी
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि अवैध कबाड़ कारोबार को व्यवस्थित करने के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाएगी। यह टीम शहर के अलग-अलग सेक्टर, गांव और डूब क्षेत्रों में जाकर सर्वे करेगी। सर्वे के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि कहां-कहां कबाड़ का कारोबार चल रहा है और कितने लोग इसमें शामिल हैं। इसके बाद सभी संचालकों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक कई अवैध कबाड़ केंद्रों में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। ऐसे में पुलिस वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य किया जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि इस कदम से शहर में अवैध कब्जों पर रोक लगेगी और कबाड़ कारोबार को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
NOC और पुलिस वेरिफिकेशन होगा जरूरी
नई व्यवस्था के तहत कबाड़ कारोबार करने वालों को सबसे पहले उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेनी होगी। इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद ही नोएडा प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन मिलेगा। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीकरण के कारोबार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और अवैध ठिकानों को हटाया जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि इस अभियान से शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और सार्वजनिक स्थानों पर हो रहे अतिक्रमण पर भी लगाम लगेगी। वहीं स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे अव्यवस्थित कबाड़ केंद्रों की समस्या से राहत मिलेगी।
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