सपा की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर सोशल मीडिया में की गई टिप्पणी के बाद शहर में लगे होर्डिंग, नोएडा- ग्रेटर नोएडा में पोस्टर वॉर
- Shiv Kumar
- 12 May, 2026
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच पोस्टर वॉर शुरू हो गया है। सपा की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी पर सोशल मीडिया में की गई टिप्पणी के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के कई इलाकों में बड़े-बड़े होर्डिंग और पोस्टर लगवाए हैं। इन पोस्टरों में लिखा गया है, “समाजवादी पार्टी की यही पहचान, पिछड़ों का करें सदैव अपमान।” राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मामला अब सड़कों तक पहुंच गया है। भाजपा युवा मोर्चा इकाई ने सपा पर पिछड़ा वर्ग का अपमान करने का आरोप लगाया है। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए इन पोस्टरों को लेकर लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक माहौल गर्माने के साथ दोनों दलों के समर्थकों में भी बयानबाजी बढ़ गई है।
भाजपा युवा मोर्चा ने सपा से मांगी माफी
भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकारी सदस्य ऋषभ राज शर्मा ने बताया कि सपा के मीडिया सेल की ओर से केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाकर विरोध जताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही पार्टी के मीडिया सेल प्रमुख को हटाने की भी मांग की गई है। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पंकज चौधरी ने संघर्ष के दम पर राजनीति में अपनी पहचान बनाई है, जबकि विपक्ष व्यक्तिगत टिप्पणी कर राजनीतिक माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है।
सियासी बयानबाजी से गरमाया माहौल
पोस्टर वॉर के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पंकज चौधरी ने 1989 में पार्षद के रूप में राजनीति शुरू की थी और मेहनत के दम पर आज केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। वहीं सपा की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शहर में अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए पोस्टर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है। फिलहाल सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह मामला अब सियासी पोस्टरबाजी तक पहुंच गया है।
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