गौतमबुद्ध नगर में सपा को बड़ा झटका, मनोज भाटी समेत सैकड़ों वकीलों ने छोड़ी पार्टी, जानें इसकी वजह
- Shiv Kumar
- 15 May, 2026
समाजवादी पार्टी को गौतम बुद्ध नगर में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव और जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज भाटी ने समाजवादी पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मनोज भाटी ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयान से अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी से जुड़े कुछ नेता न्यायालय परिसर में बनने वाले अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण में भी लगातार बाधा डाल रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इसे सपा के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
राजकुमार भाटी के बयान पर भड़के अधिवक्ता
मनोज भाटी ने प्रेस वार्ता में कहा कि सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दिया गया बयान बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस बयान से अधिवक्ताओं और समाज के लोगों में गहरा आक्रोश है। इसी विरोध के चलते उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया। भाटी ने कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए खड़ा रहा है, लेकिन किसी भी वर्ग या समाज के खिलाफ टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व से इस मुद्दे पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे अधिवक्ताओं की नाराजगी और बढ़ गई। प्रेस वार्ता में मौजूद कई वकीलों ने भी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए और सामूहिक रूप से सपा छोड़ने की घोषणा की।
चैंबर निर्माण विवाद भी बना इस्तीफे की वजह
मनोज भाटी ने आरोप लगाया कि न्यायालय परिसर में प्रस्तावित करीब 600 अधिवक्ता चैंबरों के निर्माण में समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ नेता लगातार अड़चन पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अधिवक्ता चैंबरों की मांग कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा। जिला बार एसोसिएशन के सचिव शोभाराम चंदिला ने भी पार्टी से इस्तीफा देते हुए कहा कि अब उनका पूरा ध्यान अधिवक्ताओं के हितों की लड़ाई पर रहेगा। चंदीला करीब 13 वर्षों से समाजवादी पार्टी से जुड़े थे। दोनों नेताओं ने कहा कि वे आगे किसी राजनीतिक दल के बजाय अधिवक्ता समाज के अधिकारों और सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
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