जेवर एयरपोर्ट खुलने के बाद नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदें या नहीं? जानिए 2026 की पूरी गाइड
- Shiv Kumar
- 15 May, 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट को लेकर पूरे एनसीआर में सबसे ज्यादा चर्चा रियल एस्टेट बाजार में हो रही है। एयरपोर्ट की शुरुआत के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। कई ऐसे इलाके हैं जहां कुछ ही सालों में जमीन और फ्लैट की कीमतें दो से तीन गुना तक बढ़ चुकी हैं। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सिर्फ एक एयरपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बदलने वाला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हब साबित हो सकता है। एयरपोर्ट के साथ मेट्रो, रैपिड रेल, एक्सप्रेसवे और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसी वजह से अब लोग यह समझना चाहते हैं कि क्या अभी नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदना फायदे का सौदा होगा या आगे और इंतजार करना बेहतर रहेगा। खास बात यह है कि अब यहां सिर्फ निवेशक ही नहीं बल्कि खुद रहने वाले खरीदार भी तेजी से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यहां सस्ते घर मिलना मुश्किल हो सकता है।
जेवर एयरपोर्ट बनने से नोएडा रियल एस्टेट में क्यों आया बड़ा बदलाव
मार्च 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह एयरपोर्ट सिर्फ उड़ानों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि रोजगार, व्यापार और निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा। नोएडा एयरपोर्ट को भविष्य में दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट का मजबूत विकल्प माना जा रहा है। एयरपोर्ट बनने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट में प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी आई है और कई इलाकों में तीन गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सेक्टर 150 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे इलाकों में फ्लैट और प्लॉट की मांग लगातार बढ़ रही है। रियल एस्टेट कंपनियों का कहना है कि अब नोएडा सिर्फ किफायती शहर नहीं बल्कि प्रीमियम रियल एस्टेट मार्केट में बदल रहा है जहां एंड यूजर और निवेशक दोनों तेजी से पैसा लगा रहे हैं।
YEIDA प्लॉट स्कीम और जेवर कॉरिडोर क्यों बन रहा नया निवेश केंद्र
जेवर एयरपोर्ट के आसपास सबसे ज्यादा चर्चा यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी YEIDA की रेसिडेंशियल प्लॉट स्कीम 2026 को लेकर हो रही है। इस योजना के तहत अलग अलग आकार के प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिनकी कीमतें लोकेशन और सेक्टर के हिसाब से तय की गई हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि देश और विदेश में रहने वाले लोग भी आसानी से आवेदन कर सकें। जेवर कॉरिडोर को अब नया इन्वेस्टमेंट हॉटस्पॉट माना जा रहा है क्योंकि यहां तेजी से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स विकसित हो रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले वर्षों में यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में और बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि निवेशकों के साथ साथ पहली बार घर खरीदने वाले लोग भी अब इस इलाके में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
NRI निवेशकों और घर खरीदने वालों के लिए कितना सही है मौका
विदेशों में रहने वाले भारतीय यानी NRI खरीदारों के लिए भी नोएडा अब बड़ा आकर्षण बन चुका है। FEMA नियमों के तहत एनआरआई भारत में रेसिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं और किराए से अच्छी कमाई भी कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से आने वाले समय में यहां रेंटल इनकम और कैपिटल अप्रिसिएशन दोनों मजबूत रह सकते हैं। हालांकि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। किसी भी प्रोजेक्ट का RERA रजिस्ट्रेशन जरूर जांचें और बिल्डर का पुराना रिकॉर्ड भी देखें। इसके अलावा होम लोन की ब्याज दर, स्टांप ड्यूटी और आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी लेना भी जरूरी है। एक्सपर्ट्स की राय है कि अगर लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से देखा जाए तो अभी नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदना फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






