नोएडा में डिजिटल अरेस्ट कर 85 लाख की ठगी करने वाला गिरफ्तार, भारतीय सिम को ई-सिम बनाकर भेजता था कंबोडिया
- Shiv Kumar
- 20 May, 2026
नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए 85 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय मोबाइल सिम को ई-सिम में बदलकर उसे कंबोडिया में बैठे साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और उसके जरिए एक्टिवेट किए गए नंबरों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट और अन्य ऑनलाइन फ्रॉड में किया जा रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने साइबर थाना नोएडा में शिकायत दर्ज कराई कि उसे डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 85 लाख रुपये की ठगी की गई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई।
ई-सिम के जरिए विदेश से हो रही थी साइबर ठगी
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। पुलिस को पता चला कि ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर एक मोबाइल कंपनी के पीओएस एजेंट के जरिए ई-सिम के रूप में एक्टिवेट कराया गया था। इसके बाद उसी नंबर का इस्तेमाल कंबोडिया में बैठे साइबर अपराधियों द्वारा किया जा रहा था। पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर आरोपी सूरज पुत्र फूल सिंह को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। आरोपी हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है और 10वीं तक पढ़ा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वह भारतीय सिम को ई-सिम में बदलकर विदेशों में सक्रिय साइबर गैंग तक पहुंचाने के नेटवर्क का हिस्सा था।
कंबोडिया से ऑपरेट हो रहा था साइबर गैंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के ई-सिम का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और बैंकिंग ठगी जैसी घटनाओं में किया जाता है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई अहम जानकारियां मिली हैं और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने भारतीय नंबर विदेशों में एक्टिवेट कर साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए गए। आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साइबर पुलिस लोगों से लगातार अपील कर रही है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर डरकर पैसे ट्रांसफर न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






