नोएडा में मतदाता सूची में 10 हजार डुप्लीकेट वोटरों का दावा, SIR प्रक्रिया में धांधली का आरोप, सपा ने चुनाव आयोग से मांगी जांच
- Shiv Kumar
- 03 Jun, 2026
नोएडा में मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। Samajwadi Party ने नोएडा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भारत निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजी है। पार्टी का दावा है कि स्थानीय स्तर पर किए गए परीक्षण में करीब 10 हजार डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान हुई है। सपा नेताओं का आरोप है कि कई लोगों के नाम पर दो, तीन, चार और कुछ मामलों में उससे अधिक वोटर आईडी कार्ड जारी किए गए हैं। वहीं कई मतदाताओं के नाम अलग-अलग बूथों पर भी दर्ज पाए गए हैं। पार्टी ने इस मामले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
नोएडा के सेक्टर-33 में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा महानगर अध्यक्ष Ashray Gupta ने कहा कि हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम प्रक्रिया बताया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कथित डुप्लीकेट वोटरों का सामने आना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद नोएडा में 11 हजार से अधिक फर्जी वोट बनाए गए हैं। कुछ मामलों में एक ही नाम और एक ही पते पर पांच से अधिक वोट भी दर्ज पाए गए हैं। सपा नेताओं ने पूछा कि यदि यह प्रशासनिक लापरवाही है तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
स्वतंत्र जांच और दोबारा सत्यापन की मांग
समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग से नोएडा की पूरी मतदाता सूची का स्वतंत्र निरीक्षण और दोबारा सत्यापन कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाने के लिए समय-सीमा तय की जाए और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए। सपा नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। पार्टी ने आयोग से उच्चस्तरीय जांच कराकर पूरे मामले के तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
सपा ने संकेत दिया है कि यदि मामले में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची आवश्यक है तथा इस मामले में निर्वाचन आयोग को शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
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