बिल्डरों के लिए नई ओटीएस स्कीम की तैयारी, फ्लैट खरीदारों को मिल सकती है राहत, हजारों रजिस्ट्रियों का रास्ता होगा साफ
- Shiv Kumar
- 04 Jun, 2026
नोएडा में वर्षों से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हजारों खरीदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण अब बिल्डरों से बकाया वसूली के लिए नई वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लाने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के बावजूद अपेक्षित बकाया राशि प्राधिकरण को नहीं मिल सकी और बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदार अब भी रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण ने नया प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बिल्डरों को एकमुश्त भुगतान का अवसर दिया जाएगा, जिससे लंबे समय से अटकी रजिस्ट्रियों का रास्ता साफ हो सकेगा। प्राधिकरण का मानना है कि इससे खरीदारों को जल्द मालिकाना हक मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
अमिताभ कांत पैकेज का सीमित असर, नहीं पूरी हुई वसूली
दिसंबर 2023 में लागू किए गए राहत पैकेज का उद्देश्य बिल्डरों और फ्लैट खरीदारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों को खत्म करना था। इस योजना के तहत 57 बिल्डरों को विभिन्न प्रकार की राहत दी गई थी। शर्त यह थी कि यदि बिल्डर कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत जमा करते हैं तो उन्हें एनजीटी प्रतिबंध अवधि और कोरोना काल से जुड़े लाभ दिए जाएंगे। कई बिल्डरों ने इन रियायतों का लाभ उठाया, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित भुगतान नहीं हुआ। प्राधिकरण के अनुसार नई गणना के आधार पर करीब 5500 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी, जबकि पिछले दो वर्षों में केवल 1200 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो सके। कई बिल्डरों ने नोटिस का जवाब तक नहीं दिया, जबकि कुछ ने आंशिक भुगतान कर राहत का लाभ ले लिया। इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया भी अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी।
ओटीएस से रजिस्ट्री को मिलेगी रफ्तार, कैबिनेट मंजूरी का इंतजार
प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि नई ओटीएस योजना बकाया वसूली और फ्लैट खरीदारों की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अब तक केवल 4364 फ्लैट खरीदारों के पक्ष में ही रजिस्ट्री हो सकी है, जबकि 21 हजार से अधिक खरीदार इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। प्रस्ताव के तहत बिल्डरों को एकमुश्त भुगतान का अवसर मिलेगा, जिससे प्राधिकरण को बकाया राशि प्राप्त होगी और खरीदारों को मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ होगा। ओएसडी क्रांति शेखर के अनुसार प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और अगले सप्ताह कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा होने की संभावना है। यदि मंजूरी मिल जाती है तो इसी महीने योजना लागू की जा सकती है, जिससे लंबे समय से अटकी आवासीय परियोजनाओं में नई उम्मीद जगेगी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






