नोएडा में किसानों का बड़ा प्रदर्शन आज, मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
- Shiv Kumar
- 04 Jun, 2026
नोएडा में अपनी लंबित मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। भारतीय किसान परिषद के बैनर तले गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान सेक्टर-6 स्थित हरौला बारात घर में जुट रहे हैं। यहां से किसान पैदल मार्च करते हुए नोएडा प्राधिकरण कार्यालय तक पहुंचेंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। किसानों के इस प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। प्राधिकरण कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान नेताओं का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
मुआवजा और आबादी के प्लॉट को लेकर नाराज हैं किसान
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा का कहना है कि किसानों को सिर्फ आश्वासन मिले हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों की प्रमुख मांगों में 10 प्रतिशत आबादी के प्लॉट का आवंटन, 64.7 प्रतिशत की दर से मुआवजा और आबादी को यथास्थिति बनाए रखना शामिल है। किसानों का आरोप है कि आबादी की जमीन को अवैध बताकर ग्रामीणों और किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर अब किसान एकजुट होकर प्राधिकरण के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं।
हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट पर भी उठे सवाल
किसान नेताओं का कहना है कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए दो वर्ष पहले एक हाईपावर कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन आज तक उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। परिषद का आरोप है कि किसानों की मांगों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है और उन्हें भ्रमित किया जा रहा है। सुखबीर खलीफा ने कहा कि अधिकारी केवल बैठकों और आश्वासनों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई समाधान नहीं निकाला गया। उनका आरोप है कि किसानों के साथ न्याय नहीं हो रहा है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा लंबा आंदोलन
किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो नोएडा प्राधिकरण पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। किसानों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन स्वीकार नहीं करेंगे और लिखित निर्णय चाहते हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने भी प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच वार्ता की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी, लेकिन यदि सहमति नहीं बनी तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
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