नोएडा साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 141 करोड़ की ठगी रकम फ्रीज, 75 करोड़ रुपए वापस दिलाए गए

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नोएडा साइबर पुलिस ने दिसंबर 2022 से मई 2026 तक 141.74 करोड़ रुपये की साइबर ठगी रकम फ्रीज कराई और 75.10 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए। कई राज्यों में फैले साइबर नेटवर्क, फर्जी कॉल सेंटर और निवेश ठगी गिरोहों पर कार्रवाई की गई।

नोएडा। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में गौतमबुद्ध नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में 1 दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 तक साइबर ठगी के मामलों में 141.74 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज कराई गई, जबकि 75.10 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। इस दौरान देश के कई राज्यों में फैले साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत मिली है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और तकनीक की मदद से ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कसा जाएगा।


देशभर में फैले साइबर नेटवर्क पर कार्रवाई

कमिश्नरेट पुलिस ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गुजरात समेत कई राज्यों में सक्रिय साइबर अपराध गिरोहों का खुलासा किया। जांच के दौरान कई अवैध कॉल सेंटरों का भी भंडाफोड़ किया गया। इन कॉल सेंटरों के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में सब्सिडी दिलाने, क्रूज और नेवी में नौकरी दिलाने, विदेश भेजने, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, मोबाइल हैकिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सोने-चांदी के सिक्कों की फर्जी खरीद-फरोख्त जैसे अपराध किए जा रहे थे। पुलिस ने संगठित साइबर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए।


बैंक सर्वर हैकिंग से लेकर करोड़ों की ठगी का किया खुलासा

जुलाई 2024 में नैनीताल बैंक के सर्वर को हैक कर करीब 16 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए गए थे। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने डिजिटल ट्रेल और बैंकिंग रिकॉर्ड की मदद से मामले का खुलासा करते हुए एक नाइजीरियाई नागरिक समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसी तरह दिसंबर 2024 में एक कंपनी को यूके स्थित वेंडर के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर 1.55 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने बैंकों के समन्वय से पूरी रकम वापस कराई। फरवरी 2025 में जर्मनी स्थित वेंडर के नाम पर फर्जी ई-मेल के जरिए 5.07 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए थे, जिसे भी साइबर क्राइम थाना ने कुछ ही दिनों में पीड़ित कंपनी को वापस दिला दिया।


निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी होने से बचाई

साइबर कमांडो सचिन धामा के नेतृत्व में गठित टीम ने आई4सी और एनपीसीआई के सहयोग से एक बड़े ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी शेयर बाजार और निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को ठगने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, ओडिशा और राजस्थान के संभावित पीड़ितों को समय रहते सतर्क कर करोड़ों रुपये की संभावित ठगी होने से बचा लिया। अधिकारियों के मुताबिक साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

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